नवजात शिशु के शव की जांच करेंगे डॉक्टर, अस्पताल में लापरवाही का मामला
हैलट अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में नवजात शिशु के शव मिलने की घटना ने अस्पताल प्रशासन के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस मामले की तह तक जाने के लिए अब तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
यह घटना शुक्रवार दोपहर को तब सामने आई जब इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के एक टॉयलेट में नवजात का शव पाया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, उप प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरि ने तत्काल इमरजेंसी प्रभारी से जवाब-तलब किया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि शव अस्पताल में कैसे पहुंचा, इसे किसने फेंका और क्या अस्पताल के कर्मचारियों की इसमें कोई संलिप्तता है।
मामले की जांच का जिम्मा डॉ. यशवंत राव, डॉ. शैली अग्रवाल और डॉ. विनय कटियार को सौंपा गया है। इन डॉक्टरों को सभी संबंधित पहलुओं की गहन छानबीन करने और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद, अस्पताल में सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लापरवाही के चलते, प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने गुरुवार रात इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात 12 नर्सों और वार्ड बॉय को तत्काल प्रभाव से अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, रात्रि के दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्डों को भी अस्पताल से हटा दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित एजेंसी को सूचित कर दिया गया है। यह कदम अस्पताल में जवाबदेही सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
