झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बने डॉक्टर, धनबाद सदर को मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा
धनबाद सदर अस्पताल में बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं लिखीं। एमबीबीएस डिग्री धारक मंत्री ने ओपीडी में स्टेथोस्कोप संभाला और कई मरीजों को परामर्श दिया। उन्होंने एक कुपोषण उपचार केंद्र का भी दौरा किया और आयुष्मान किट बांटी।
इस दौरान मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि धनबाद सदर अस्पताल परिसर में तीन वर्षों के भीतर एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। यह धनबाद का दूसरा मेडिकल कॉलेज होगा और इसका नाम दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज की पुरानी इमारत को तोड़कर नई बनाई जाएगी।
मंत्री ने आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़े पर भी प्रकाश डाला और कहा कि ऐसे अस्पतालों का भुगतान रोका गया है और जांच जारी है। उन्होंने मेडिकल काउंसिल के गठन और रजिस्ट्रार की नियुक्ति के महत्व पर जोर दिया, जिससे डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के लिए एक एसओपी तैयार करने की बात कही, जिसके तहत उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद राज्य में कम से कम पांच साल सेवा देनी होगी। मंत्री ने एसएनएमएमसीएच में नई सी-आर्म मशीन और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के उपकरणों का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बेहतर कार्य के लिए न्यूरो और ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टरों को सम्मानित भी किया।
