पटना में DM का सख्त आदेश: 31 दिसंबर तक राजस्व कर्मियों की छुट्टी रद्द, निपटाने होंगे सभी Land Cases
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले में राजस्व संबंधी लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मंगलवार से 31 दिसंबर तक सभी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है। इस अवधि में पूर्व में स्वीकृत सभी छुट्टियां भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। जिलाधिकारी ने सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपने कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहने और लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
यह निर्णय उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा 12 दिसंबर को आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम के बाद लिया गया है। संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। सरकार ने सभी लंबित मामलों को 31 दिसंबर तक निपटाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। एक जनवरी से पंचायतवार समीक्षा की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
राजस्व विभाग के अनुसार, बिहार में लगभग 68 प्रतिशत अपराध जमीन विवादों से जुड़े होते हैं। ऐसे में भूमि संबंधी समस्याओं का समयबद्ध निपटारा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने पटना को ‘मॉडल रेवेन्यू डिस्ट्रिक्ट’ बनाने और दलालों के हस्तक्षेप को खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को दाखिल-खारिज में बेवजह आपत्ति लगाने या ई-मापी पोर्टल पर प्रतिवेदन अपलोड करने में लापरवाही बरतने से बचने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के कार्यों को आसान बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और दक्षता के साथ काम करना होगा।
