DK Shivakumar का Pinarayi Vijayan पर पलटवार, बेंगलुरु डिमोलिशन पर कहा- ‘बुलडोजर राज’ नहीं
बेंगलुरु में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। विजयन ने इस कार्रवाई को ‘बुलडोजर राज’ करार देते हुए कर्नाटक सरकार पर अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया था। इस पर पलटवार करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि विजयन ने तथ्यों को जाने बिना टिप्पणी की है और कर्नाटक सरकार ‘बुलडोजर संस्कृति’ में विश्वास नहीं रखती।
पिनाराई विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि जब कोई शासन भय और क्रूर बल से चलता है, तो संवैधानिक मूल्य और मानवीय गरिमा पहले शिकार होते हैं। उन्होंने बेंगलुरु में 200 से अधिक घरों को गिराए जाने के बाद कर्नाटक सरकार पर ‘बुलडोजर राज’ को सामान्य बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई उत्तर भारतीय राज्यों में अपनाई जाने वाली प्रथाओं के समान है।
डीके शिवकुमार ने विजयन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन एक ठोस अपशिष्ट (सॉलिड वेस्ट) गड्ढा थी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं थीं। उन्होंने कहा, “हममें भी मानवता है और हमने उन्हें अन्य क्षेत्रों में जाने का अवसर दिया था। हम ‘बुलडोजर संस्कृति’ में विश्वास नहीं रखते। मैं पिनाराई विजयन से अपील करता हूं कि वे इस तरह की बात न करें। हम केवल शहर के बीचों-बीच सरकारी जमीन की रक्षा कर रहे हैं।”
यह डिमोलिशन ड्राइव 22 दिसंबर को कोगिलु गांव के फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में की गई थी। इस कार्रवाई से लगभग 400 परिवार बेघर हो गए थे। कर्नाटक सरकार ने दावा किया कि ये घर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। हालांकि, निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बेदखल कर दिया गया, जिससे उन्हें रातें सड़कों पर बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि इस तरह की बस्तियां बसाने में लैंड माफिया की भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि लैंड माफिया बाद में जमीन पर कब्जा करने के लिए झुग्गियां स्थापित करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पात्र निवासियों का पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यदि पात्र लोग हैं, तो हम उन्हें राजीव गांधी योजना के तहत घर देने को तैयार हैं।” उन्होंने विजयन के बयानों को आगामी केरल चुनावों के मद्देनजर ‘राजनीतिक नौटंकी’ बताया।
