यूपी के लेखपालों के लिए डिजिटल क्रांति, अब एक ही डैशबोर्ड से होंगे सारे काम, जनता को भी मिलेगी राहत
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में लेखपालों के लिए डिजिटल डैशबोर्ड की शुरुआत की गई है। अब वे सभी काम एक ही जगह से कर सकेंगे, जिससे अलग-अलग पोर्टल पर लॉग इन करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद आय, जाति, अधिवास प्रमाणपत्रों से जुड़े आवेदन इस डैशबोर्ड पर स्वतः ब्लिंक होकर दिखाई देंगे। साथ ही आनलाइन वरासत, धान खरीद सत्यापन, किसान सत्यापन और लेखपालों से जुड़े सभी प्रकार के फील्ड वेरिफिकेशन इसी एक मंच पर उपलब्ध रहेंगे।
डिजिटल व्यवस्था लागू होने से अब लेखपालों को अलग-अलग पोर्टल या कई लागिन के झंझट से मुक्ति मिलेगी। एक ही मंच पर आवेदन देखना, उनकी स्थिति अद्यतन करना और निस्तारण करना आसान होगा। इससे कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और आम जनता की फाइलों के निष्पादन में भी समय की बचत होगी। वर्तमान में जिले के सदर, निचलौल, आनंदनगर और नौतनवा तहसील में 368 लेखपाल पद स्वीकृत हैं, जिनके सापेक्ष 263 लेखपाल तैनात हैं।
पहले इन सभी सेवाओं के लिए लेखपालों को कई अलग-अलग पोर्टलों पर लागिन करना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती थी। कई बार अलग-अलग पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों का असर जनता की फाइलों पर भी पड़ता था, तो कई बार लेखपाल भी फाइल गुम हो जाने से लेकर अन्य बहानेबाजी करते थे, लेकिन अब डिजिटल डैशबोर्ड बन जाने से सभी आवेदन संबंधित विभिन्न पोर्टलों से सीधे लेखपाल के एकीकृत पोर्टल पर पहुंच जाएंगे। लेखपाल वहीं से आवेदनों की जांच, रिपोर्ट अपलोड और निस्तारण कर सकेंगे। प्रशासन के अनुसार इस व्यवस्था से पारदर्शिता, तेजी और जवाबदेही तीनों बढ़ेंगी।
राजस्व कानूनगों और नायब तहसीलदारों को भी होगी सुविधा महराजगंज : राजस्व की सबसे मजबूत कड़ी लेखपाल की फाइल पर राजस्व कानूनगो और फिर नायब तहसीलदारों के भी सत्यापन रिपोर्ट लगते हैं। लेखपालों के साथ ही साथ राजस्व कानूनगाें और नायब तहसीलदारों को भी इसका लाभ दिया गया है, जिससे न सिर्फ उनके पास लेखपाल के पास से फाइल त्वरित पहुंच जाएगी बल्कि पूर्व से संचालित तहसीलदार और एसडीएम के ई-आफिस पटल पर उसे आसानी से एप्रुव कर भेजा जा सकेगा, जहां से इस कार्य को त्वरित गति मिलेगी।
जिले में लेखपाल अब डिजिटल डैशबोर्ड पर कार्य करेंगे। इसके लिए लगभग समस्त लेखपालों के डिजिटल डैशबोर्ड बनकर तैयार हो चुके हैं, और कई ने तो डैशबोर्ड पर काम निपटाना भी शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था से प्रशासन के कार्यों में काफी राहत मिलेगी।
