धर्मेंद्र की यादें हरिद्वार से जुड़ीं, ‘गंगा की लहरें’ और ‘मैं इंतकाम लूंगा’ की शूटिंग
धर्मनगरी हरिद्वार का बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र देओल से गहरा नाता रहा है। उनकी दो यादगार फिल्में, ‘गंगा की लहरें’ (1964) और ‘मैं इंतकाम लूंगा’ (1982), इस पवित्र शहर में फिल्माई गईं। इन फिल्मों की 90 प्रतिशत से अधिक शूटिंग हरिद्वार के मनोरम दृश्यों में हुई, जिसने न केवल फिल्म प्रेमियों को बल्कि स्थानीय लोगों को भी धर्मेंद्र की कला से जोड़ा।
‘गंगा की लहरें’ में, धर्मेंद्र ने एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया जो नौकरी की तलाश में हरिद्वार आता है। वहीं, ‘मैं इंतकाम लूंगा’ में वे अपनी मां की खोज में इस शहर की यात्रा करते हैं। इन फिल्मों के कई अहम दृश्य हरकी पैड़ी, डामकोठी और अलकनंदा घाट जैसे प्रसिद्ध स्थानों पर फिल्माए गए। इन दृश्यों को किशोर कुमार द्वारा गाए गए भावुक गीतों ने और भी यादगार बना दिया, खासकर ‘मां तू मुझसे प्यार न कर’ जैसा गीत आज भी श्रोताओं को भावुक कर देता है।
सूत्रों के अनुसार, ‘गंगा की लहरें’ का निर्माण गायक और अभिनेता किशोर कुमार ने स्वयं किया था, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई से आई एक टीम ने करीब दो महीने तक हरिद्वार में डेरा डाला था। धर्मेंद्र और किशोर कुमार ने शूटिंग के दौरान काफी समय हरिद्वार में बिताया और उन्हें गंगा किनारे बैठना बहुत पसंद था।
इन फिल्मों की एक खास बात यह भी थी कि इनमें स्थानीय प्रतिभाओं को भी मौका मिला। दिवंगत कारोबारी मदन मोहन सहगल, जिन्होंने धर्मेंद्र के दोस्त का किरदार निभाया और उनकी नौकरी लगवाने में मदद की, ऐसे ही एक स्थानीय कलाकार थे। इसी तरह, ‘मैं इंतकाम लूंगा’ में धर्मेंद्र के साथ रीना रॉय मुख्य भूमिका में थीं, और फिल्म के एक महत्वपूर्ण गीत को हरकी पैड़ी, ललतारौ पुल और भोला गिरी रोड पर फिल्माया गया था। इस फिल्म में धर्मेंद्र ने एक मुक्केबाज की भूमिका निभाई थी, और उनके बेटे सनी देओल ने भी एक छोटी भूमिका निभाई थी, जिन्हें उनके पिता के स्टैंड-इन के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
सोमवार को धर्मेंद्र के निधन की खबर से हरिद्वार में उनके प्रशंसकों और फिल्म प्रेमियों में गहरा शोक व्याप्त है। पुरानी फिल्मों के शौकीनों के लिए, ये दोनों फिल्में आज भी धर्मेंद्र की कला और हरिद्वार की स्मृतियों को जीवंत करती हैं।
