धर्मेंद्र की पेंशन का हकदार कौन? हेमा मालिनी या प्रकाश कौर, जानिए नियम
हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने 89 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया है। अभिनय के साथ-साथ वे एक निर्माता और राज्यसभा के सदस्य के तौर पर भी सक्रिय रहे। ऐसे में उनके निधन के बाद एक महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि उनकी सरकारी पेंशन का हकदार कौन होगा? क्या यह उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर होंगी या दूसरी पत्नी और जानी-मानी अभिनेत्री हेमा मालिनी?
जब कोई सांसद दो विवाह करता है, तो उनकी मृत्यु के उपरांत उनकी पेंशन को लेकर अक्सर कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं। पेंशन के नियमों के अनुसार, पूर्व सांसद की पेंशन का अधिकार उनकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी को ही प्राप्त होता है। यदि किसी विवाह को कानून की दृष्टि से मान्य नहीं माना जाता है, तो उस विवाह के आधार पर पेंशन पर कोई दावा नहीं किया जा सकता।
धर्मेंद्र के मामले में स्थिति थोड़ी जटिल है, क्योंकि उन्होंने दो शादियां की थीं। उनकी पहली शादी प्रकाश कौर से हुई थी, जो पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई थी। बाद में उन्होंने अभिनेत्री हेमा मालिनी से दूसरी शादी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, दूसरी शादी के समय उन्होंने अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर को तलाक नहीं दिया था, और इस संबंध में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए थे कि उन्होंने अपना धर्म भी बदल लिया था।
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पहली पत्नी के जीवित रहते हुए और बिना तलाक लिए दूसरी शादी करता है, तो दूसरी शादी को कानूनी रूप से अमान्य माना जाता है। ऐसे में, पेंशन का अधिकार पहली पत्नी को ही मिलता है, जबकि दूसरी पत्नी का उस पेंशन पर कोई कानूनी अधिकार नहीं होता है।
इस कानूनी प्रावधान के तहत, धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर ही अभिनेता की पेंशन की हकदार मानी जाएंगी। इसका मुख्य कारण यह है कि उनकी पहली शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत वैध थी और कभी भंग नहीं हुई, यानी कोई तलाक नहीं हुआ। हालांकि, धर्मेंद्र के दोनों विवाहों को सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर स्वीकार्यता मिली, लेकिन कानून की नजर में, पहली शादी की वैधता और दूसरी शादी के लिए तलाक का अभाव, प्रकाश कौर को पेंशन का अधिकार दिलाता है। यह नियम सुनिश्चित करता है कि कानूनी व्यवस्था पूर्व स्थापित विवाहों की सुरक्षा करे।
