धर्मेंद्र की बहु, अभिनेत्री दीप्ति भटनागर, अब हैं एक मशहूर ट्रैवल व्लॉगर
बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र का परिवार फिल्म इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम है। सनी देओल, बॉबी देओल, ईशा देओल और अभय देओल जैसे सदस्यों के अलावा, एक और रिश्ता जो इस परिवार से जुड़ा है, वह है अभिनेत्री दीप्ति भटनागर का। दीप्ति, जो धर्मेंद्र के रिश्तेदार और 80 के दशक के पंजाबी अभिनेता वीरेंद्र के बेटे रणदीप आर्य की पत्नी हैं, ने अपने करियर का एक अलग रास्ता चुना।
मूल रूप से मेरठ की रहने वाली दीप्ति ने मुंबई आकर अपना कारोबार शुरू किया, लेकिन जल्द ही उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। 18 साल की उम्र में एक ब्यूटी पेजेंट जीतकर उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और खूब पैसा कमाया। सूत्रों के अनुसार, मॉडलिंग से उन्हें इतनी आय हुई कि उन्होंने एक साल के भीतर मुंबई में अपना घर खरीद लिया, जो कभी माधुरी दीक्षित का हुआ करता था।
दीप्ति ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1995 में फिल्म ‘रामा शस्त्र’ से की। इसके बाद उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘पेली सैंडडी’ और तमिल फिल्म ‘धर्मा चक्रम’ में भी काम किया। 1997 में उन्हें हॉलीवुड फिल्म ‘इन्फर्नो’ में भी मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। उन्होंने कई बॉलीवुड, कोलिवुड और टॉलीवुड फिल्मों में अभिनय किया। 1998 में वह टीवी शो ‘ये है राज़’ में एक पुलिस अधिकारी के किरदार में भी नजर आईं।
दीप्ति ने अपने करियर की शुरुआत में शाहरुख खान को अपना मेंटर बताया। उन्होंने बताया कि ‘कभी हाँ कभी ना’ फिल्म के लिए ऑडिशन देने के बाद वह इतनी घबरा गईं कि उन्होंने अहम ऑडिशन छोड़ दिया, जिससे यह रोल किसी और को मिल गया। एक बार सनी देओल के साथ एक विज्ञापन की शूटिंग के बाद जब उन्हें धर्मेंद्र से मिलने का मौका मिला, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इस परिवार का हिस्सा बन जाएंगी।
रणदीप आर्य से उनकी मुलाकात एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी, जहां रणदीप ने दीप्ति के पति का किरदार निभाया था। उसी साल दोनों की सगाई हुई और आठ साल बाद उन्होंने शादी कर ली। दीप्ति और रणदीप दो बेटों शुभम (18) और शिव (12) के माता-पिता हैं।
फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बाद दीप्ति ने यात्रा को अपना जुनून बना लिया। उन्होंने अपने यात्रा शो ‘मुसाफिर हूँ यारों’ के दौरान ही अपने दोनों बच्चों को जन्म दिया। उन्होंने अपने बच्चों और पति के साथ दुनिया की यात्रा की। 2001 में, उन्होंने पति के साथ मिलकर एक प्रोडक्शन हाउस की स्थापना की और ‘यंत्रा’ और ‘मुसाफिर हूँ यारों’ जैसे सफल यात्रा शो बनाए। इन शो के माध्यम से उन्होंने 90 से अधिक देशों की यात्रा की और एक कुशल ट्रैवल व्लॉगर के रूप में पहचान बनाई। दीप्ति के अनुसार, यात्रा ने उन्हें दुनिया को समझने और विनम्रता सीखने का सबसे बड़ा सबक सिखाया है।
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