धनबाद स्टेशन पर रोके गए बंगाल के 30 छात्र, जांच में निकली परीक्षा की बात
धनबाद रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब रेल पुलिस ने पश्चिम बंगाल के लगभग 30 छात्रों के एक समूह को संदेह के आधार पर रोक लिया। प्लेटफॉर्म पर एक साथ खड़े छात्रों को देखकर पुलिस को कुछ शंका हुई, जिसके बाद सभी से पूछताछ की गई और उनके पहचान पत्रों की गहनता से जांच की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये सभी छात्र पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आए थे और उन्हें झारखंड में आयोजित एक निजी प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेना था। छात्रों ने बताया कि वे धनबाद पहली बार आए हैं और उन्हें परीक्षा केंद्र तक ले जाने वाले गाइड या ‘मोटिवेटर’ का इंतजार कर रहे थे। गाइड के स्टेशन पहुंचने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र पर ले जाया जाना था, इसी कारण वे स्टेशन पर एकत्रित थे।
पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्रों के आधार कार्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। सभी छात्रों के पास वैध पहचान पत्र और परीक्षा में शामिल होने के संबंध में आवश्यक दस्तावेज मौजूद पाए गए। पूछताछ के दौरान भी कोई भी संदिग्ध बात सामने नहीं आई, जिससे पुलिस को उनकी पहचान और इरादों पर शक हो।
सभी औपचारिकताएं पूरी होने और छात्रों के निर्दोष पाए जाने के बाद, रेल पुलिस ने उन्हें आगे की यात्रा के लिए जाने की अनुमति दे दी। बाद में, छात्र अपने गाइड के साथ परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो गए।
रेल पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना उनकी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, विशेषकर रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ाना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस मामले में भी, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रारंभिक जांच की गई, जो सफल रही और छात्रों को बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ने दिया गया।
