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धनबाद में मौसम की गलत रिपोर्टिंग: एजेंसी ब्लैकलिस्ट होगी

By Nov 20, 2025

धनबाद में मौसम की सटीक जानकारी देने में विफल रहने वाली एजेंसी पर अब गाज गिरना तय है। मौसम केंद्र रांची ने इस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी द्वारा प्रदान की गई मौसम रिपोर्टों में कई बार तथ्यात्मक त्रुटियां पाई गईं, जिसके कारण आम जनता को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।nnधनबाद के केंद्रीय विद्यालय-एक परिसर में स्थापित ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन पिछले छह महीनों से खराब हालत में है। इस कारण मौसम विभाग ने धनबाद के वास्तविक मौसम के आंकड़े जारी करना बंद कर दिया है। अंतिम बार 15 जून को वेदर रिपोर्ट में धनबाद के न्यूनतम और अधिकतम तापमान की जानकारी दी गई थी। इसके बाद, 1 जुलाई तक जारी रिपोर्टों में धनबाद का नाम तो शामिल था, लेकिन तापमान के आंकड़े नदारद थे। 1 जुलाई के बाद से तो धनबाद का नाम ही दैनिक मौसम रिपोर्ट की सूची से हटा दिया गया।nnऑटोमेटेड वेदर स्टेशन के दैनिक मौसम रिपोर्ट से गायब हुए गुरुवार को 157 दिन पूरे हो गए। इस महत्वपूर्ण मशीन के संचालन की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को सौंपी गई थी, उसे ब्लैकलिस्ट करने की तैयारियां चल रही हैं। बता दें कि धनबाद में यह ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन स्थापित करने में लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे। मशीन को स्थापित करने के बाद इसे मौसम विभाग के सर्वर से जोड़ा गया था, जिससे हर घंटे मौसम का अपडेट मिलना संभव था। परंतु, पिछले छह महीनों से यह मशीन ठीक से काम नहीं कर रही है और सटीक मौसम के आंकड़े जारी नहीं हो पा रहे हैं।nnपूरे मानसून सत्र के दौरान प्रतिदिन के सटीक आंकड़े और मौसम रिपोर्ट जारी नहीं की जा सकी। अब ठंड के मौसम में भी हर दिन के तापमान के सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, और केवल अनुमानित सूचनाएं ही जारी की जा रही हैं। ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन से 24 घंटे के अधिकतम और न्यूनतम तापमान के साथ-साथ किसी भी समय के तापमान की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, यह आर्द्रता, हवा की गति और उसकी दिशा का भी पता लगाता है। पूरे साल किसी भी मौसम में होने वाली बारिश के आंकड़े भी इससे मिल जाते हैं, जो सटीक पूर्वानुमान में सहायक होते हैं।nnमौसम केंद्र, रांची के एक अधिकारी ने सूत्रों के हवाले से बताया, “ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन काम नहीं कर रहा है। इसका संचालन करने वाली एजेंसी भी अपना काम ठीक से नहीं कर रही है। इसीलिए एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।” इस विफलता के कारण न केवल मौसम विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि आम लोगों को भी सटीक जानकारी के अभाव में परेशानी हो रही है।”
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