नैक-ए डबल प्लस रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षाओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बुधवार को स्नातक परीक्षा के प्रथम दिन ही भौतिक विज्ञान के पेपर में बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां...
नैक-ए डबल प्लस रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षाओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बुधवार को स्नातक परीक्षा के प्रथम दिन ही भौतिक विज्ञान के पेपर में बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां प्रश्न के साथ उत्तर भी प्रकाशित कर दिया गया। ऐसे में स्थिति हास्यास्पद हो गई, विद्यार्थियों से लेकर शिक्षक तक सभी ने पेपर तैयार करने की शैली पर सवाल उठाए। विवि का यह कारनामा चर्चा का विषय बना रहा।
विवि से संबद्ध कालेजों में बीएससी तीसरे सेेमेस्टर के भौतिक विज्ञान विषय (पेपर कोड-40103) की परीक्षा सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक कराई गई। 75 अंकों के प्रश्नपत्र को हल करने के लिए दो घंटे का समय दिया गया था। पेपर में दो-दो अंकों के 10 अति लघु उत्तरीय सवाल थे। इसके पेज संख्या तीन पर दिए प्रश्न (1-एफ) में वैद्युत क्षेत्र में लगने वाले त्वरण की गणना पूछी गई थी।
विद्यार्थियों ने जब पन्ने पलटना शुरू किए तो पेज संख्या सात पर प्रश्न (1-एफ) का उत्तर लिखा हुआ मिला। यह देख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा कक्ष में उपस्थित शिक्षकों से आपत्ति दर्ज कराई। शिक्षकों भी पेपर में सवाल और जवाब देखकर हैरान हो गए। इसकी जानकारी विवि भेजी गई।
विवि में परीक्षा संबंधी कार्य परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह की देखरेख में होता है। इसमें परीक्षाओं की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी परीक्षा नियंत्रक की होती है। शिक्षकों ने सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र बनाने के बाद ‘माडरेशन’ (प्रश्नपत्र की जांच) नहीं किया गया, अगर हुआ है तो इस तरह की गलती कैसे हुई? जबकि प्रत्येक विषय का पेपर विशेषज्ञ की देखरेख में तैयार किया जाता है।
यह पहली बार नहीं है जब विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में इस तरह की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इससे पहले दिसंबर 2024 में बीएससी पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की वनस्पति विज्ञान-प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा कराई गई थी, जिसमें पांचवें सेमेस्टर के स्थान पर पहले सेमेस्टर के प्लांट माइक्रोबायोलाजी विषय के सवाल पेपर में लिखे हुए थे, जोकि विद्यार्थियों के सिलेबस से बाहर के थे।
इसी वर्ष जनवरी में एमए-एमएससी गणित तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों की पार्शियल डिफरेंशियल इक्वेशन विद एप्लीकेशंस विषय की परीक्षा कराई गई थी। गणित के प्रश्नपत्र में सभी सवाल संगीत विषय के आने से विद्यार्थियों ने हंगामा कर दिया था। इसके बाद परीक्षा की नई तिथि घोषित की गई।