सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट ध्वस्तीकरण में देरी, सीबीआई जांच बनी वजह | Delhi News
दिल्ली के सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट का ध्वस्तीकरण फिलहाल सीबीआई की जांच के कारण रुका हुआ है। सीबीआई ने अदालत से अनुरोध किया है कि इमारत के ढांचे में क्लोराइड के स्रोत का पता लगाने के लिए कुछ और जांच की जानी है। इस वजह से, ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को सीबीआई से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना होगा।
यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई अपार्टमेंट के निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल की जांच कर रही है। सीबीआई 12 जनवरी को अदालत में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके बाद ही ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की समय-सीमा स्पष्ट हो पाएगी। सीबीआई की एक टीम ने हाल ही में डीडीए अधिकारियों के साथ सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट का दौरा भी किया है।
सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को 13 अक्टूबर से खाली कराया जा चुका है और परिसर को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 336 फ्लैटों के ध्वस्तीकरण का टेंडर एक कंपनी को दिया गया है, जिसने परिसर का कब्जा ले लिया है, लेकिन निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। सीबीआई ने अदालत में बताया है कि अपार्टमेंट निर्माण से संबंधित कागजात और सैंपल जुटा लिए गए हैं, लेकिन सीमेंट में क्लोराइड के स्रोत का पता लगाने के लिए और सैंपलिंग की आवश्यकता है।
भ्रष्टाचार के इस मामले में सीबीआई ने इसी साल सितंबर में डीडीए के 27 अधिकारियों और पांच बिल्डर-ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग के कारण फ्लैटों को बनने के एक दशक के भीतर ही असुरक्षित घोषित करना पड़ा, जिससे लगभग 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आरोप है कि आरोपितों ने मापदंडों को नजरअंदाज कर गुणवत्ता और संरचनात्मक सुरक्षा से समझौता किया।
जनवरी 2023 में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ठेकेदारों, बिल्डरों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था। साथ ही, डीडीए के जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा था। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
इस देरी से अपार्टमेंट के पूर्व निवासी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि सीबीआई जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी करे और एनओसी जारी करे, ताकि ध्वस्तीकरण और उसके बाद पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हो सके और लोग जल्द अपने घरों में लौट सकें।
