रेवाड़ी में DEEO-DEO कर्मचारियों को 3 महीने से वेतन नहीं, Court के आदेश से फंसा मामला
रेवाड़ी में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए दिवाली और नए साल का जश्न फीका रहा है। डीईईओ और डीईओ कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इस कारण उनकी मासिक किस्तें (ईएमआई) बकाया हो गई हैं और बैंक उन्हें नोटिस जारी करने की चेतावनी दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन न मिलने का मुख्य कारण शिक्षा विभाग द्वारा न्यायालय के आदेशों का पालन न करना है। विभाग ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और मृत कर्मचारियों को उनके लंबित लाभों का भुगतान नहीं किया था। इसके चलते न्यायालय ने विभाग के सैलरी हेड को अटैच करने का आदेश दिया, जिससे कर्मचारियों का वेतन रुक गया।
पहला मामला राजकीय प्राथमिक विद्यालय जलालपुर के जेबीटी अध्यापक रतनलाल से जुड़ा है, जिनका 2021 में देहांत हो गया था। उनके भाई शोभाराम ने एलटीसी, एक्स ग्रेसिया और ब्याज की राशि न मिलने पर न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय ने 16 अगस्त 2024 को शोभाराम के पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन विभाग ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद न्यायालय ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में डीईईओ रेवाड़ी का सैलरी हेड अटैच कर दिया।
दूसरा मामला राजकीय विद्यालय मंदौला के सेवानिवृत्त प्राचार्य रामसिंह का है। उन्होंने लंबित एसीपी लाभ न मिलने पर कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन विभाग ने आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद नवंबर माह में जिला कोर्ट ने डीईओ कार्यालय का सैलरी हेड अटैच कर दिया।
दोनों मामलों में कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख 10 जनवरी के बाद की है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सुनवाई के बाद उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
