दुर्गापुर गैंगरेप: दो आरोपी सरकारी गवाह बनने को तैयार, कोर्ट में दायर की अर्जी
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एमबीबीएस छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। इस सनसनीखेज घटना में गिरफ्तार किए गए दो आरोपी, एसके रियाजुद्दीन और एसके सफीक, अब सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं। उन्होंने रविवार को स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर कर अपना गुनाह कबूलने और मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करने की अनुमति मांगी है। यह घटना 10 अक्टूबर को हुई थी, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर की रात दुर्गापुर के एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाली एमबीबीएस छात्रा अपने दोस्त वसीफ अली के साथ बाहर गई थी। इसी दौरान तीन लोगों ने छात्रा का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन पर फिलहाल मुकदमा चल रहा है। छात्रा के दोस्त वसीफ अली को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था और मामले की गहन जांच जारी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि अदालत रियाजुद्दीन और सफीक की याचिका स्वीकार कर लेती है, तो मुकदमे के दौरान उन्हें सरकारी गवाह माना जाएगा। यह कदम अभियोजन पक्ष के लिए मामले को और मजबूत कर सकता है। रियाजुद्दीन और सफीक को हाल ही में दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था, जिसके बाद उन्होंने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। इस मामले पर अब 21 अक्टूबर को अदालत में सुनवाई होने की संभावना है, जिससे मामले की कार्यवाही में तेजी आ सकती है।
दुर्गापुर गैंगरेप केस ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इस घटना के बाद राज्यपाल बोस ने भी बयान दिया था कि “बंगाल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है”, जिससे राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई थी। पीड़िता के पिता के भी शुरुआती बयानों में बदलाव देखा गया था, जिसने मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया था। इन दो आरोपियों के सरकारी गवाह बनने के फैसले से उम्मीद है कि पीड़िता को जल्द न्याय मिल पाएगा और मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकेगी।
