दुमका में AI और तकनीक से हरा-भरा होगा इंसान का मन: ‘टेक लीफ’ कार्यक्रम की शुरुआत
वनों के संरक्षण और उन्हें हरा-भरा बनाए रखने की दिशा में दुमका वन प्रमंडल एक अभिनव पहल कर रहा है। विभाग 5 और 6 दिसंबर को ‘टेक लीफ’ नामक एक दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्र-छात्राओं को लक्षित करेगा, ताकि वे तकनीक के सहारे प्रकृति से जुड़ सकें और उसके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बन सकें।
इस अनूठे आयोजन में, पारंपरिक वन संरक्षण के तरीकों से हटकर, लोगों के ‘मन-मस्तिष्क’ को पर्यावरण के प्रति हरा-भरा बनाने पर जोर दिया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर लोगों को प्रकृति के करीब लाने का प्रयास किया जाएगा। वन विभाग का मानना है कि जब इंसान का दृष्टिकोण ही पर्यावरण-अनुकूल हो जाएगा, तो वह स्वतः ही वनों के संरक्षण और हरियाली को बनाए रखने में योगदान देगा।
दुमका के आउटडोर स्टेडियम के निकट झार मधु केंद्र परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। इच्छुक व्यक्ति 8002109227 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसमें सभी आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं।
‘टेक लीफ’ कार्यक्रम में विभिन्न आकर्षक सत्र शामिल होंगे, जैसे ‘न्यूरो नेचर’, ‘द साउंड ऑफ नेचर’, ‘डिजिटल फ्लिप बुक’, ‘एआई फोटो बूथ’ और ‘रन टू हिल द प्लानेट’। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रकृति के साथ एक आधुनिक और अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। ‘डिजिटल फ्लिप बुक’ के जरिए प्रकृति की कहानियां इशारों से महसूस की जा सकेंगी, जबकि ‘न्यूरो नेचर’ आभासी वास्तविकता के माध्यम से शांत मन को जंगल का अनुभव कराएगा। ‘एआई फोटो बूथ’ पलक झपकते ही सिनेमाई अंदाज में प्राकृतिक थीम वाली तस्वीरें बनाने का मौका देगा।
यह कार्यक्रम इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे तकनीक प्रकृति की रक्षा के लिए नए रास्ते खोल सकती है। यह हमें पर्यावरण की निगरानी करने, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने और स्थायी समाधान खोजने में मदद करती है। दुमका वन प्रमंडल की यह पहल भविष्य की सोच को प्रकृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं को तकनीक और पर्यावरण के बीच एक मजबूत सेतु बनाने का काम करेगी।
