बेटी की हत्या: पिता और सौतेली मां को आजीवन कारावास, 70-70 हजार जुर्माना
कानपुर देहात की एडीजे कोर्ट संख्या-6 ने एक सनसनीखेज मामले में फैसला सुनाते हुए एक बच्ची की हत्या के आरोप में उसके पिता और सौतेली मां को आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
यह मामला अरौल थाना क्षेत्र के गजना गांव का है, जहां 3 फरवरी 2024 को अनीस मोहम्मद उर्फ लालू की 10 वर्षीय बेटी रेहाना की बेरहमी से पिटाई के बाद उसे छत पर लकड़ियों में दबा दिया गया था। घटना की सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान ने पुलिस की मदद से बच्ची को बचाया, लेकिन अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची ने मरने से पहले अपने माता-पिता द्वारा पीटे जाने की बात बताई थी।
बच्ची के चचेरे मामा की तहरीर पर पुलिस ने पिता अनीस और सौतेली मां फरजाना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि 2020 में अनीस की पहली पत्नी की मौत के बाद उसने फरजाना से दूसरी शादी की थी और तब से वे रेहाना और उसके भाई-बहनों के साथ अक्सर मारपीट करते थे।
अदालत ने इस मामले में मृतका के भाई रेहान (13) और बहन फरजाना (8) के बयानों को सजा का मुख्य आधार बनाया। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए, अदालत ने माना कि बच्ची की मौत छत से गिरने से नहीं, बल्कि पिटाई के बाद लकड़ियों में दबाने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे।
अदालत ने अपने फैसले में बच्चों के भविष्य को भी ध्यान में रखा है। डीएम कानपुर नगर और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे अनाथ हुए रेहान, फरजाना और गुलफ्सा के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करें। जुर्माने की राशि की वसूली के लिए भी डीएम को आरसी जारी करने का आदेश दिया गया है।
