रामजन्मभूमि के पूरक मंदिरों में फरवरी से दर्शन शुरू, ध्वजारोहण का इंतजार नहीं
रामजन्मभूमि परिसर में स्थित सात पूरक मंदिरों और सप्तर्षि मंदिरों में फरवरी महीने से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की सुविधा शुरू की जाएगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस दिशा में तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्तमान में परकोटे में चल रहा निर्माण कार्य जनवरी तक पूरा होने की संभावना है, जिससे श्रद्धालु दर्शन के साथ-साथ परिक्रमा भी कर सकेंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि अभी छह पूरक मंदिरों के शिखर पर धर्म ध्वजा का आरोहण नहीं हुआ है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि ध्वजारोहण का दर्शन शुरू होने से कोई सीधा संबंध नहीं है। मंदिरों में पूजन-अर्चन तो प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत से ही जारी है। कुछ मंदिरों पर वर्ष प्रतिपदा या रामनवमी जैसे शुभ अवसरों पर ध्वजारोहण किया जा सकता है।
राम मंदिर के चारों ओर बने साढ़े सात सौ मीटर लंबे परकोटे के भीतर पंचायतन पद्धति के अनुसार छह देवी-देवताओं के पूरक मंदिरों और सात रामायणकालीन ऋषियों-मुनियों के मंदिरों का निर्माण किया गया है। परकोटे के बाहर और राम मंदिर के दक्षिण-पश्चिम में शेषावतार लक्ष्मण मंदिर भी निर्मित है। कुल 14 मंदिरों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और सभी सात पूरक मंदिरों में प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
पिछले वर्ष पांच जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार की प्रतिष्ठा के साथ इन मंदिरों की भी प्राण प्रतिष्ठा की थी। तभी से ट्रस्ट द्वारा इनमें नियमित पूजन-अर्चन किया जा रहा है। हालांकि, पूरक मंदिरों के सामने प्रांगण निर्माण, हरित विकास, फिनिशिंग और साफ-सफाई जैसे कार्य शेष होने के कारण दर्शन शुरू नहीं हो पाए थे। गत वर्ष 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के स्वर्ण शिखर पर ध्वजारोहण किया था, तब भी इन मंदिरों पर धर्म ध्वजा नहीं फहराई जा सकी थी।
बाद में, 31 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माता अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया, लेकिन छह पूरक मंदिरों (भगवान शिव, गणेश, सूर्य, मां दुर्गा, हनुमान जी व शेषावतार) पर अभी ध्वजारोहण शेष है। अब जब कोई भी निर्माण कार्य शेष नहीं है, तो परकोटे की अपूर्णता बाधक नहीं बनेगी।
हाल ही में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कार्यों की समीक्षा की थी, जिसमें सभी कार्य पूर्ण पाए गए। इसी के मद्देनजर ट्रस्ट ने अब पूरक मंदिरों में दर्शन आरंभ कराने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह से दर्शन शुरू कराने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दर्शन शुरू करने में ध्वजारोहण की कोई बाधा नहीं है, क्योंकि ऐसे कई मंदिर हैं जिनमें धर्म ध्वजा बाद में फहराई गई और दर्शन पहले ही शुरू हो गया था।
