केजीएमयू में आंखों की रोशनी जाने का खतरा, इलाज के लिए लंबा इंतजार
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। लखनऊ निवासी संतोष कुमार पांडे, जिन्हें दिमाग में ट्यूमर होने की आशंका है और यदि जल्द सर्जरी न हुई तो आंखों की रोशनी पूरी तरह जा सकती है, उन्हें भर्ती करने के बजाय ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि एक तरफ डॉक्टरों ने जानलेवा बीमारी का डर दिखाया, वहीं दूसरी ओर तत्काल इलाज की व्यवस्था नहीं की। न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एमआरआई रिपोर्ट देखने के बाद ट्यूमर की पुष्टि की और सर्जरी की सलाह दी। लेकिन जब भर्ती की बात आई तो उन्हें बताया गया कि 44 मरीज पहले से कतार में हैं। इस लापरवाही से मरीज की जान पर बन आई है।
इस मामले पर केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि मरीज के इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई समस्या आ रही है, तो उसका समाधान किया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति में मरीजों के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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