दिवाली पर बोनस का इंतजार: कासगंज के शिक्षकों को अभी तक नहीं मिला सरकारी तोहफा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए दीपावली के अवसर पर बोनस की घोषणा की गई थी। इस घोषणा के बाद सूबे के कई जनपदों में शिक्षकों के खातों में बोनस की राशि तत्काल हस्तांतरित कर दी गई थी, जिससे शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। हालांकि, कासगंज जिले में स्थिति इसके विपरीत है। यहां के शिक्षक अभी भी अपने बोनस का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को लेकर लगातार अपनी आवाज उठाई है। संघ के पदाधिकारियों ने कई बार जिला प्रशासन से इस संबंध में बात की है, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही मिला है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षकों को अब तक बोनस न मिलने से उनमें काफी निराशा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मुनेश राजपूत ने इस संबंध में कहा कि यदि नवंबर माह के अंत तक शिक्षकों को बोनस का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संगठन की ओर से जिलाधिकारी से मिलकर इस मांग को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ यह सरासर अन्याय है, जबकि अन्य जनपदों में यह लाभ पहले ही प्रदान किया जा चुका है।
वहीं, संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षण कार्य के प्रति समर्पित हैं, बल्कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी अपनी पूरी निष्ठा और कर्मठता से योगदान देते हैं। ऐसे में, यह आवश्यक है कि सरकार शिक्षकों को उनके देय लाभ, जैसे बोनस, वेतन, समय पर पदोन्नति और अन्य सुविधाएं, नियत समय के अंतर्गत प्रदान करे। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों के परिश्रम और समर्पण का सम्मान होना चाहिए और उनकी जायज मांगों को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए।
