शिवहर के हर गांव में डेयरी उद्योग: किसानों की आय दोगुनी करने का ‘dairy business’ प्लान
शिवहर जिले के 207 गांवों को डेयरी हब बनाने की तैयारी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ पनीर, मक्खन, खोया और मिठाई जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। जिला प्रशासन इस पहल के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा और उत्पादित डेयरी उत्पादों को पंचायतों के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा।
यह कदम जिले में पशुपालन से जुड़े करीब 65 हजार लोगों, जिनमें तीन हजार महिलाएं भी शामिल हैं, के लिए आय का एक नया और मजबूत स्रोत खोलेगा। वर्तमान में जिले में रोजाना लगभग 50 हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है, जिसमें तिमुल संगठन और अन्य समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मिठाई की दुकानों में भी रोजाना बड़ी मात्रा में दूध की खपत होती है।
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, दूध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा और किसानों को अनुदानित दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। सभी पंचायतों में सुधा डेयरी काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिल सके। स्थानीय पशुपालकों का मानना है कि यह योजना उनकी आय बढ़ाने और समृद्धि लाने में क्रांतिकारी साबित होगी।
