डीएम ने निर्माणाधीन 17 परियोजनाओं की समीक्षा की, गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में जिले की 17 महत्वपूर्ण निर्माणाधीन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनकी जिम्मेदारी 15 विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के पास है।
बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम, राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड, सिचाई प्रखंड प्रथम जल निगम (नगरीय), और ग्रामीण सिंचाई निर्माण खंड जैसी संस्थाओं द्वारा विभिन्न विभागों के तहत कराए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जिले में चल रही सभी 27 परियोजनाओं पर कार्य करने वाली 15 कार्यदायी संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर किसी भी स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त न हो। उन्होंने सभी संस्थाओं को मैन पावर बढ़ाकर, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रणय सिंह ने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करें और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक विकल कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
