दहेज हत्या: पति को 15 साल की सजा, सास-ससुर बरी
दहेज की लालच में एक विवाहिता की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मृतका पूर्णिमा श्रीवास्तव के पति, अतुल कुमार श्रीवास्तव को दोषी ठहराते हुए 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, दोषी पति पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब मृतका पूर्णिमा के पिता अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने खरगूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 11 मई 2018 को उनकी बेटी की शादी अतुल कुमार श्रीवास्तव के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति, ससुर और सास मंजू श्रीवास्तव मिलकर बेटी से दहेज में आल्टो कार की मांग करने लगे और उसे लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
शिकायत के अनुसार, 17 अगस्त 2020 को सुबह 11 बजे सभी आरोपियों ने मिलकर पूर्णिमा की हत्या कर दी। पुलिस द्वारा की गई विवेचना में दहेज के लिए प्रताड़ना और दहेज हत्या के पुख्ता सबूत मिले, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
हालांकि, विचारण के दौरान न्यायालय को मृतका के सास और ससुर के खिलाफ पर्याप्त और संदेह से परे साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस कारण, जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों के प्रति समाज में व्याप्त बुराई को रेखांकित करता है और न्याय व्यवस्था की भूमिका को भी स्पष्ट करता है।
