देहरादून में डिजिटल जनगणना की नई पहल: जनवरी 2026 से शुरू होगी कवायद
देहरादून नगर निगम आगामी जनगणना के लिए पूरी तरह तैयार है, जो लगभग 14 साल बाद जनवरी 2026 से शुरू होने जा रही है। इस बार यह कवायद पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस होगी, जिससे देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी। नगर निगम के 100 वार्डों का डिजिटल गूगल मैप तैयार कर जनगणना निदेशालय को भेजा जा चुका है।
जनगणना कर्मी अब घर-घर जाकर जानकारी कलम और कागज़ के बजाय टैबलेट और मोबाइल के ज़रिए दर्ज करेंगे। यह प्रक्रिया जानकारी को सीधे ऑनलाइन फीड करेगी, जिससे नोडल विभाग के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर होने वाली गिनती पर सीधा नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। जागरण संवाददाता विजय जोशी के अनुसार, इस डिजिटल बदलाव से कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
नगर निगम क्षेत्र के तैयार किए गए डिजिटल मैप में प्रत्येक वार्ड की सीमाएं, मोहल्ले, भवन और सटीक लोकेशन का विस्तृत विवरण दर्ज है। इसमें गूगल पर पंजीकृत स्कूल, अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और मकान भी स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल मैप भविष्य में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और शहरी विकास योजनाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा। कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से अंजाम देने के लिए नगर निगम के सभी 100 वार्डों को पांच ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जिसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पिछली जनगणना देहरादून नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2011 में हुई थी, जब यहां की आबादी आठ लाख दर्ज की गई थी। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। अब, लगभग डेढ़ दशक बाद, अनुमान है कि नगर निगम क्षेत्र की मौजूदा आबादी 14 लाख से अधिक हो चुकी है। जनवरी 2025 में हुए निगम चुनाव में 7.67 लाख मतदाताओं का पंजीकरण इस अनुमान को और भी पुष्ट करता है।
अधिकारियों के अनुसार, यह पेपरलेस जनगणना न केवल समय और संसाधनों की बचत करेगी, बल्कि डेटा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगी। गूगल आधारित डिजिटल मैप से हर मकान, मोहल्ले और वार्ड की सटीक लोकेशन उपलब्ध होगी, जो भविष्य की शहरी योजना, कर निर्धारण और विभिन्न जनसेवा योजनाओं के क्रियान्वयन में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगी।
