देह व्यापार से इनकार पर मां को बेटी की हत्या के जुर्म में उम्रकैद
अररिया में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक मां को अपनी ही बेटी की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह घटना जोकीहाट थाना क्षेत्र के पदमपुर गांव की है, जहाँ अंजुम खातून नामक महिला ने अपनी बड़ी बेटी जुलेखा उर्फ बुधनी को देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की थी।
सूत्रों के अनुसार, जब जुलेखा ने अपनी मां की इस घृणित मांग का विरोध किया, तो अंजुम खातून ने उसे जान मारने की नीयत से एक ऊंचे स्थान से धक्का दे दिया। इस क्रूर कृत्य के बाद, जुलेखा की तब तक सांसें नहीं थमीं जब तक उसे टेम्पो में घुमाया जाता रहा, जिससे उसकी मौत हो गई।
स्थानीय पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि आरोपी अंजुम खातून मृतका से लंबे समय से गलत काम करवाने के लिए मारपीट और यातनाएं दे रही थी। लेकिन जब जुलेखा ने अपनी मां की बात मानने से इनकार कर दिया, तो एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उसकी हत्या कर दी गई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने इस मामले की सुनवाई पूरी की। अदालत ने इस घटना को मानवता के प्रतिकूल अपराध माना। शुक्रवार को सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने आरोप सिद्ध मां अंजुम खातून को आजीवन कैद की सजा सुनाई और उस पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी उल्लेख किया कि आरोपित अंजुम खातून अपनी सौतेली बेटी के कथित अपहरण के आरोप में पहले भी महीनों जेल में बंद रह चुकी है, जिस कारण उसके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक हो गई थी। इसी आर्थिक तंगी के चलते वह अपनी बेटी जुलेखा से अवैध धंधा करवाना चाहती थी, जिसका जुलेखा ने प्रताड़ना सहने के बावजूद कड़ा विरोध किया। इसी विरोध के परिणामस्वरूप, 15 अक्टूबर 2021 को षड्यंत्र रचकर जुलेखा उर्फ बुधनी की हत्या कर दी गई।
इस मामले में मृतका की दादी तथा आरोपित की सास, मंगरी खातून, ने 15 अक्टूबर 2021 को महलगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी पोती की हत्या के मामले में अपनी बहू अंजुम खातून को आरोपित बनाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की और अदालत ने यह फैसला सुनाया।
