दाऊजी महाराज को ओढ़ाई जायेगी रजाई, 445वां पाटोत्सव आज, शुरू होगा एक माह का लक्खी मेला
ब्रज की पावन भूमि पर आज ब्रजराज ठाकुर दाऊजी महाराज का 445वां पाटोत्सव अगहन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर एक माह तक चलने वाले भव्य लक्खी मेले का विधिवत शुभारंभ भी किया जाएगा। ब्रज क्षेत्र में एक पुरानी कहावत प्रचलित है, ‘दाऊजी को ओढाई रजाई और ब्रज में सर्दी आई’। इस कहावत के अनुसार, बाबा दाऊजी महाराज को सर्दी से बचाने के लिए अगहन पूर्णिमा से विशेष रूप से रुई से बनी गद्दल (रजाई) ओढ़ाई जाती है। इसी कारण से इस पूर्णिमा को ‘गद्दल पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता यह भी है कि इस रस्म के माध्यम से दाऊजी महाराज सभी भक्तों को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। वे स्वयं रुई निर्मित रजाई धारण कर सर्दी से बचाव का संकेत देते हैं, ताकि भक्तजन भी आने वाली कड़ाके की सर्दी से बचाव के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर लें।
मंदिर प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, पाटोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में कई महत्वपूर्ण आयोजन किए जाएंगे। इनमें मंगला दर्शन के साथ शहनाई वादन, दाऊजी महाराज का पंचामृत अभिषेक, विशेष शृंगार, बलदेव सहस्त्र नाम पाठ और हवन शामिल हैं। दोपहर चार बजे से दाऊजी महाराज की एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। मंदिर को इस अवसर पर रंगीन झालरों और गुब्बारों से खूबसूरती से सजाया गया है।
मेले के लिए स्थानीय नगर पंचायत ने भी अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया है। बाहर से आने वाले दुकानदारों, सर्कस और अन्य खेल-तमाशों के आयोजकों के लिए बिजली, पानी और सफाई की समुचित व्यवस्था की गई है। चेयरमैन डॉ. मुरारी लाल अग्रवाल ने बताया कि तीर्थ विकास परिषद के सहयोग से मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रंगमंचीय प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। मेला आयोजकों, कमल कुमार पांडेय और अजित पहलवान ने बताया कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मुख्य द्वारों सहित पूरे मेला परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी।
