बाराबंकी में 7.25 लाख की साइबर ठगी: एपीके फाइल से बैंक डिटेल्स हुई लीक
बाराबंकी में साइबर अपराध का एक नया मामला सामने आया है, जहां एक महिला को एपीके फाइल के जरिए ठगी का शिकार बनाया गया। बैंक कर्मचारी बनकर एक ठग ने महिला से नेट बैंकिंग की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली और उसके खाते से 7 लाख 25 हजार रुपये उड़ा दिए। पीड़ित महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह घटना रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी निवासी रीता पत्नी संजय के साथ 31 दिसंबर 2025 की रात हुई। जब वह अपने इंडसइंड बैंक खाते की नेट बैंकिंग सेवा इंस्टॉल कर रही थीं, तब एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर नेट बैंकिंग से संबंधित जानकारी के नाम पर महिला से मोबाइल नंबर पूछा और फिर व्हाट्सएप पर एक लिंक/एपीके फाइल भेजी।
आरोपी के निर्देश पर महिला ने एपीके फाइल इंस्टॉल कर उसमें बैंक से जुड़े गोपनीय विवरण भर दिए। इसके तुरंत बाद, साइबर ठगों ने महिला के इंडसइंड बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 7,25,000 रुपये निकाल लिए। यह रकम 1.28 लाख और तीन बार 1.99 लाख रुपये के रूप में निकाली गई।
इस ठगी की घटना के संबंध में पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना बाराबंकी में अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। इस तरह की घटनाएं आम जनता के लिए एक बड़ा खतरा हैं, जो ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
