किराए पर खाता देने वाला साइबर अपराधी गिरफ्तार, 16 पीड़ितों की रकम हुई थी ट्रांसफर
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच, मेरठ पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो घर बैठे मोटी कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किराए पर दे रहा था। इस खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी की रकम जमा करने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आसिफ ने एक फर्जी फर्म बनाई और उसके नाम पर बैंक में चालू खाता खोला। इस खाते में विभिन्न राज्यों से 16 पीड़ितों की ठगी की गई रकम ट्रांसफर हुई थी। आसिफ को प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर कमीशन मिलता था।
यह गिरफ्तारी सिकंदरा क्षेत्र के विनय शर्मा द्वारा दर्ज कराए गए 18.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मुकदमे की जांच के दौरान हुई। विनय शर्मा को आईपीओ में निवेश के नाम पर ठगा गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह के तार विदेश से भी जुड़े हैं। इससे पहले पुलिस पांच अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में पता चला कि आसिफ के खाते में 16 पीड़ितों की रकम आई थी।
गिरफ्तार आसिफ ने बताया कि उसके पिता की कोयला बेचने की दुकान है, जहां वह काम करता था। वहां उसकी मुलाकात जावेद से हुई, जिसने उसे यह ‘आसान’ तरीका बताया। जावेद ने उसे एक फर्जी कंपनी बनाने, जीएसटी नंबर लेने और चालू खाता खोलने की सलाह दी। इस खाते में आने वाली रकम के बदले उसे कमीशन मिलता था, प्रति एंट्री दस हजार रुपये। पुलिस ने बताया कि जल्द ही सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की जाएगी। इस तरह के अपराध आम लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत की कमाई पल भर में गायब हो जाती है।
