मुंबई की जुड़वां बहनों की हिम्मत: जब बेटियों ने संभाली माता-पिता की जिम्मेदारी, बनीं ताकत
मुंबई की जुड़वां बहनें ऐश्वर्या और अपूर्वा वैद्य ने अपने माता-पिता के स्ट्रोक से उबरने में असाधारण साहस दिखाया है। एक साल के भीतर दोनों माता-पिता को स्ट्रोक आने से परिवार की भूमिकाएं बदल गईं, लेकिन बेटियों ने हिम्मत नहीं हारी।
पिता को आया पहला स्ट्रोक
20 सितंबर 2022 को ऐश्वर्या और अपूर्वा के पिता पद्मनाभ वैद्य को अचानक स्ट्रोक आया, जिससे वह बोलने और हिलने-डुलने में असमर्थ हो गए। जांच में पॉन्टाइन इंफार्क्ट (Pontine Infarct) का पता चला, जो ब्रेनस्टेम को प्रभावित करता है। महीनों की अनियंत्रित डायबिटीज इसका कारण थी। अस्पताल से लौटने के बाद घर ही उनका रिकवरी सेंटर बन गया, जहां फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और चौबीसों घंटे देखभाल की जरूरत पड़ी। इस दौरान उन्हें एस्पिरेशन निमोनिया जैसी जटिलताओं का भी सामना करना पड़ा।
मां को आया दूसरा स्ट्रोक
जब परिवार पिता की रिकवरी से कुछ राहत महसूस कर रहा था, तभी 26 दिसंबर 2023 को मां माधुरी वैद्य को स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दिए। यह एक गंभीर झटका था, जिसने परिवार को फिर से अनिश्चितता में डाल दिया। मां को खुद पर बोझ मानने लगीं, लेकिन बेटियों ने उन्हें हारने नहीं दिया। इस बार, खुद स्ट्रोक से उबर चुके पिता ने मां का सहारा बनकर उन्हें हौसला दिया।
बेटियों का प्यार और जज्बा
इस पूरे सफर में, ऐश्वर्या ने जर्नलिंग के जरिए अपने जज्बात व्यक्त किए और बाद में ‘From Shadows to Glimmer’ नामक किताब लिखी, ताकि दूसरों को उम्मीद मिल सके। अपूर्वा ने भावनात्मक सहारा बनकर मां का हौसला बढ़ाया। यह कहानी दर्शाती है कि कैसे मुश्किल वक्त में बेटियां माता-पिता की सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैं और प्यार व जिम्मेदारी से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। यह अनुभव परिवार को तोड़ने के बजाय और भी मजबूत बना गया।
