मेघालय में ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद, आदिवासी परंपराओं के खिलाफ होने से छात्र संगठन ने दी विरोध की चेतावनी | Meghalaya protest
मेघालय में ‘वंदे मातरम्’ गीत को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) ने इस गीत के पूरे संस्करण को गाने पर कड़ा विरोध जताया है और प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। संगठन का तर्क है कि गीत के शुरुआती दो अंतरे मातृभूमि की प्रशंसा करते हैं, लेकिन बाद के अंतरे हिंदू देवी-देवताओं का उल्लेख करते हैं, जो उनकी आदिवासी परंपराओं के विपरीत है।
केएसयू के महासचिव डोनाल्ड वी थाबाह ने कहा कि यह विरोध उनकी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में पूरे ‘वंदे मातरम्’ गीत के गाये जाने का विरोध करेगा।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे गाने का निर्देश दिया है। इस निर्देश के बाद से ही राज्य में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। इस घटनाक्रम से सार्वजनिक स्थानों पर गीत को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका है, जिससे लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं पर असर पड़ सकता है।
