‘अजन्मी बेटी’ को मृत बताकर 1.38 करोड़ हड़पने की साजिश, बीमा कंपनी की जांच में खुली पोल
भागलपुर में बीमा राशि हड़पने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। एक दंपत्ति ने अपनी अजन्मी बेटी को मृत बताकर 1.38 करोड़ रुपये की बीमा राशि का दावा किया। पुलिस ने इस मामले में बरारी थाने में पिता शिवशंकर शर्मा और मां मंजू शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
आरोप है कि दोनों ने अपनी बेटी बताकर साक्षी कुमारी नाम की एक काल्पनिक पहचान गढ़ी और उसके नाम से बीमा पॉलिसी लेकर मृत्यु उपरांत मिलने वाली राशि का दावा पेश कर दिया। आरोपितों ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज जमा कर बीमा कंपनी को गुमराह करने का प्रयास किया।
दस्तावेज जमा होने के बाद बीमा राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। हालांकि एलआईसी की नीति के तहत प्रत्येक डेथ क्लेम की पुष्टि के लिए क्षेत्रीय जांच कराई जाती है। इसी जांच में साजिश का पर्दाफाश हो गया, जिसके बाद बीमा राशि को होल्ड कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि शिवशंकर और मंजू ने सुनियोजित तरीके से एक ऐसी बेटी का अस्तित्व दिखाया, जो वास्तव में कभी थी ही नहीं। बीमा लाभ पाने के लिए उन्होंने जाली दस्तावेजों और भ्रामक बयानों का सहारा लिया। आरोपितों ने 25 मार्च 2025 और 22 मई 2025 को अजन्मी बेटी की मृत्यु से जुड़े कागजात जुड़े कागजात एलआईसी के समक्ष प्रस्तुत किए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ चिकित्सा उपचार रिकॉर्ड, मां और बाल सुरक्षा कार्ड जैसे दस्तावेज भी तैयार कर बीमा कंपनी में जमा कराए। इन मनगढ़ंत रिकॉर्ड के जरिए दावा मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने और बीमा राशि जारी कराने की कोशिश की गई।
जांच में स्पष्ट हुआ कि शिवशंकर शर्मा और मंजू शर्मा के केवल दो बेटे हैं, जिनमें एक 15 वर्षीय संगम शर्मा और दूसरा 13 वर्षीय सत्यम शर्मा है। जनप्रतिनिधियों और पड़ोसियों के बयान में भी यह पुष्टि हुई कि साक्षी शर्मा नाम की कोई बेटी न तो उनके परिवार में रही और न ही गांव के किसी रिकॉर्ड में उसका कोई उल्लेख है।
