काम को बोझ नहीं, आनंद माना! बिजनौर के इस सुपरवाइजर ने किया ऐसा कमाल कि मिला ‘बेस्ट’ का तमगा
कहते हैं कि काम को बोझ मानने के बजाए उसका आनंद लेना चाहिए। एसआइआर में 10 बीएलओ के सुपरवाइजर बनाए गए धर्म सिंह ने इसी थीम पर काम किया। न किसी बीएलओ को कोई समस्या आई और न जनता को। काम आराम से होता चला गया। उन्होंने दो दिसंबर को ही अपने-अपने सभी दस बूथों का रिकार्ड आनलाइन कर दिया। ऐसा करने वाली यह जिले की शायद पहली टीम है। बैठक में एसडीएम ऋतु चौधरी ने धर्म सिंह को बेस्ट सुपरवाइजर कहकर सम्मानित किया।
मंडावर के मुहल्ला शाहविलायत के रहने वाले धर्म सिंह प्राथमिक विद्यालय गंजालपुर में मुख्य अध्यापक हैं। उन्हें एसआइआर में बिजनौर विधानसभा के दस बूथों पर सुपरवाइजर बनाया गया था। सभी बूथों पर एक एक बीएलओ तैनात किए गए। शिक्षक धर्म सिंह की टीम को गणना पत्रक चार नवंबर को मिले। उन्होंने सभी बीएलओ के साथ बैठक की। कहा कि काम को बिना तनाव लिए आनंद के साथ करना है। अगले दिन से फार्म बांटने शुरू किए।
बीएलओ के साथ जाकर गणना पत्रक बंटवाए और सभी को उन्हें भरने का तरीका बताया। रोज बीएलओ के साथ नौ बजे बूथों पर जाकर बैठ जाते और वहां आने वाले ग्रामीणों को पत्रक भरने के बारे में बताते रहते। किसी को समझ नहीं आया तो उसका फार्म खुद भरा। छुट्टी के दिन भी जाकर देर तक काम किया। दो तीन दिन में ही लोगों ने पत्रक भरकर जमा करने शुरू कर दिए। जैसे ही फार्म मिलने शुरू हुए तो उन्होंने पोर्टल पर फीड कराना शुरू करा दिया। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदपुर देवमल डा.प्रभात कुमार ने भी गणना पत्रक आनलाइन कराने के लिए एक सेंटर बनाया। बीएलओ ने कुछ फार्म मौके पर ही आनलाइन भरे, कुछ सेंटर पर तो कुछ घर जाकर। दो दिसंबर तक उन्होंने सभी बूथों के पत्रक आनलाइन कर दिए।
धर्म सिंह ने अपने साथी शिक्षकों का भी एसआइआर में सहयोग लिया। स्कूल की छुट्टी के बाद शिक्षकों को बूथ पर बुलाते और उनसे फार्म भरवाने, वोट ढूंढ़वाने आदि में सहयोग लेते। शिक्षकों ने भी सहयोग करने में कोई आनाकानी नहीं की। काम खत्म हो गया तो अब धर्म सिंह और उनके बाकी बीएलओ को पिछड़े बूथों पर काम पूरा कराने में लगाया गया है।
