महाशिवरात्रि से पहले कासगंज में बढ़ी चिंता, गंगा घाट पर पानी नहीं; हाईवे पर जाम का खतरा (Kasganj news)
महाशिवरात्रि पर्व को अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन कासगंज की तीर्थ नगरी सोरों और लहरा घाट पर तैयारियां अधूरी हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने बड़ी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लहरा घाट पर गंगा नदी में जलस्तर इतना कम है कि श्रद्धालु ठीक से स्नान नहीं कर पा रहे हैं। कई श्रद्धालु तो स्नान के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर सहसवान क्षेत्र में बह रही धारा तक जाने को मजबूर हैं। इससे श्रद्धालुओं के डूबने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि सहसवान के पास कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
दूसरी बड़ी चुनौती मथुरा-बरेली हाईवे पर चल रहे फोरलेन निर्माण से जुड़ी है। कासगंज से मोहनपुरा तक हाईवे का काम अधूरा है, और पुलों का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है। महाशिवरात्रि पर लाखों कांवड़ यात्री इस मार्ग से गुजरेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन मार्ग पर यातायात सुचारू रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि जाम लगने की स्थिति में कांवड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय निवासियों ने कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में भी ये मुद्दे उठाए थे। उनकी मुख्य मांग है कि महाशिवरात्रि से पहले लहरा घाट पर पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, कांवड़ यात्रियों के लिए शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम, मोबाइल शौचालय और रात के समय प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु कांवड़ भरने के लिए लहरा घाट आते हैं। अगर सुविधाएं नहीं मिलीं तो तीर्थ नगरी की छवि खराब होगी। प्रशासन को जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करना होगा ताकि श्रद्धालु सुखद अनुभव के साथ वापस लौट सकें।
