सर्दी में युवाओं को भी सता रहा नजला, सिरदर्द और साइनस का बन रहा कारण
सर्दी के मौसम में नजला-जुकाम की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। दिन-रात के तापमान में अंतर, ठंडी हवा, कोहरा और लापरवाही इस समस्या को गंभीर बना रही है। सामान्य तौर पर लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर उपचार न कराने पर नजला सिरदर्द, साइनस, बुखार और गले के संक्रमण का रूप ले सकता है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
इस मौसमी बीमारी का असर सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
चिकित्सकों की राय
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार के अनुसार, सर्दी में नाक की झिल्ली सूज जाती है, जिससे नाक बंद होना, पानी गिरना और सिर भारी लगने की समस्या होती है। यदि संक्रमण बढ़ जाए तो तेज सिरदर्द, आंखों के आसपास दर्द और बुखार भी हो सकता है। बच्चों में यह समस्या जल्दी गंभीर हो जाती है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। डॉ. संजीव ने सलाह दी है कि सर्दी के मौसम में नजला-जुकाम को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बचाव और उपचार
ठंड से बचाव, गुनगुना पानी पीने और लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। नजला बढ़ने के प्रमुख कारणों में ठंडी हवा और कोहरे में बिना सुरक्षा निकलना, गीले कपड़े पहनना, ठंडा पानी या ठंडी चीजों का अधिक सेवन, कम प्रतिरोधक क्षमता और धूल-प्रदूषण के संपर्क में आना शामिल हैं। बचाव के उपायों में दिन में दो बार भाप लेना, ठंडी हवा से बचना, सिर और कान ढककर रखना, गुनगुना पानी पीना और सुपाच्य भोजन लेना शामिल है। बच्चों को ठंडी चीजें देने से बचें और लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
Aligarh news: किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोषी को तीन साल की सजा, कोर्ट ने सुनाया फैसला
Aligarh news: किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोषी को तीन साल की सजा, कोर्ट ने सुनाया फैसला
बसपा के लिए कोई वैकेंसी नहीं, मायावती पर बोले केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा
अलीगढ़ के 52 पुलिसकर्मियों को सराहनीय कार्य के लिए मिला मेडल, एसपी देहात भी सम्मानित
अलीगढ़ पुलिस के 52 जवान सम्मानित, एसपी देहात को मिला मेडल
अलीगढ़ की सर्द रातों में चाय के अड्डों पर जमती है दोस्ती, देर रात तक गुलजार रहते हैं ये ठिकाने
