दिल्ली में प्रदूषण पर CM का ‘मास्टरस्ट्रोक’: रिंग रोड पर पहली बार हुआ ऐसा काम, 200 एंटी-स्माग गन से धुलाई
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पहली बार दिल्ली की पूरी रिंग रोड की बड़े पैमाने पर सफाई और धुलाई की गई है। मुख्यमंत्री ने खैबरपास के पास इस कार्य का निरीक्षण किया और कहा कि यह अभियान दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और धूल नियंत्रण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
55 किलोमीटर लंबी रिंग रोड पर 200 एंटी-स्माग गन लगाकर धुलाई की गई, साथ ही 200 मेंटिनेंस वैन ने रिंग रोड की सफाई की। इस दौरान जहां-जहां गड्ढे मिले, उन्हें भी भरा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हर दिन एक नया कदम आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शहर में नियमित सड़क धुलाई, मैकेनिकल स्वीपिंग और जमीनी निगरानी को अत्यंत तेज गति और गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि धूल भी प्रदूषण का एक बड़ा कारक है। इससे स्थायी रूप से निपटने के लिए सड़कों का बेहतर तरीके से निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने पहले तो सड़कों के निर्माण में रुचि नहीं दिखाई और अगर सड़कें बनाई भी गईं तो उन्हें ठीक तरह से नहीं बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की मजबूत सड़कों को बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को समुचित बजट दिया जा रहा है। प्रत्येक विधायक को 10 करोड़ रुपये की राशि दी जा रही है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में इस तरह की सड़कों का निर्माण शुरू कर सकें।
मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों और कंपनियों से भी सीएसआर फंड द्वारा सहयोग का आग्रह किया, ताकि ज़रूरतमंद नागरिकों को इलेक्ट्रिक हीटर तथा इलेक्ट्रिक प्रेस उपलब्ध कराए जा सकें और उन्हें स्वच्छ विकल्प अपनाने में सहायता मिले। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में बदलने के लक्ष्य के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रही है। वर्तमान में लगभग 3,500 इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली की सड़कों पर संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की।
