चित्रकूट: 74 दिन बाद लौटी भैंस ‘बिट्टू’ ने सुलझाया मालिकाना विवाद, जानें कैसे
चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र के शिवनगर गांव में एक ऐसी घटना हुई जिसने सभी को हैरान कर दिया। अनिल कुमार पांडेय की साढ़े तीन साल की भैंस ‘बिट्टू’ एक नवंबर को चरने गई और फिर गायब हो गई। काफी तलाश के बाद भी जब भैंस नहीं मिली, तो अनिल ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। करीब 38 दिन बाद भैंस लगभग 12 किलोमीटर दूर एक दूसरे गांव में शिवलाल कोल के घर बंधी मिली।
पहचान के दौरान गांव वालों ने भैंस को अनिल की ही बताया, लेकिन शिवलाल ने मालिकाना हक से इनकार कर दिया, जिससे विवाद गहरा गया। पुलिस ने कई बार सुलह की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अंततः यह तय हुआ कि भैंस पर ही फैसला छोड़ दिया जाए।
पुलिस की मौजूदगी में भैंस को अनिल के घर से कुछ दूरी पर छोड़ा गया। भैंस ने बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे गलियों से होते हुए अपने पुराने घर का रास्ता चुना और अंदर चली गई। भैंस के इस स्वाभाविक व्यवहार ने मालिकाना विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति से यह प्रक्रिया अपनाई गई थी और भैंस की पहचान ने सच्चाई सामने ला दी। इस घटना ने न केवल ग्रामीण बल्कि इंटरनेट पर भी लोगों को भैंस की याददाश्त और पुलिस की पहल की चर्चा करने पर मजबूर कर दिया है।
