हाजीपुर स्टेशन से बच्चा चोरी: 3.5 लाख में हुआ था सौदा, 6 गिरफ्तार, डॉक्टर समेत अन्य की तलाश जारी
हाजीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के दक्षिणी छोर पर लिफ्ट के पास से 4 अक्टूबर को गायब हुए बच्चे को जीआरपी ने बरामद कर लिया है। बच्चे की चोरी में शामिल चार महिला समेत कुल छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। दो मोबाइल भी बरामद किए गए हैं।
वहीं, इस मामले में समस्तीपुर जिले के विनगामा निवासी स्व. बच्चा यादव डॉ. अविनाश कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। यह जानकारी रेल एसपी वीणा कुमारी ने मुजफ्फरपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर की रात प्लेटफार्म नंबर एक के दक्षिणी छोर पर घुमंतू खानाबदोश सुमित कुमार अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ सोया हुआ था। सुबह जब उसकी नींद खुली तो, उसका एक बच्चा मोहम्मद फहीम उर्फ राजा बाबू गायब मिला। सुमित ने तुरंत जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर कांड संख्या 158/2025 दर्ज हुई और बच्चों की बरामदगी के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
अनुसंधान के दौरान सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें एक महिला और एक पुरुष की संदिग्ध गतिविधि पहली नजर में दिखाई दी। इसके बाद डीआईयू टीम ने डंप डाटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। जांच में सामने आया कि बच्चे को ले जाने वाला पुरुष बिदुपुर का अर्जुन कुमार था। उसके मोबाइल नंबर से जुड़े अन्य संपर्कों की तकनीकी जांच के बाद संदिग्ध महिला किरण देवी की भी पहचान की गई। दोनों को गिरफ्तार कर आगे की जानकारी हासिल की गई।
किरण देवी के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बिदुपुर निवासी सोनू कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया। सोनू के अनुसार बच्चे को समस्तीपुर निवासी अनील कुमार साह, उनकी पत्नी गुड़िया देवी और मुन्नी कुमारी के पास से बरामद किया गया। सोनू ने बताया कि शाहपुर पटोरी के डॉ. अविनाश कुमार और उनकी सहयोगी मुन्नी कुमारी के कहने पर बच्चे की खरीद-बिक्री का साढ़े तीन लाख रुपए में सौदा हुआ था। सौदे के तहत अर्जुन को एक लाख बीस हजार रुपए दिए गए थे, जबकि सोनू को एक लाख तीस हजार रुपए मिले थे। पुलिस के अनुसार डॉ. अविनाश कुमार और उनकी सहयोगी मुन्नी कुमारी के ग्रामीण अनील कुमार साह और उनकी पत्नी गुड़िया देवी संतान विहीन थे। डॉक्टर से संपर्क कर इनके बीच सौदा तय कराया गया था। गुड़िया देवी ने यूपीआई के माध्यम से कुछ रकम डॉक्टर अविनाश को भेजी थी।
