छह साल से बंद जनरेटर, सीएचसी में अंधेरे में इलाज, मरीज बेहाल
सुल्तानपुर के धनपतगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले छह वर्षों से जनरेटर की खराबी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जनरेटर के पुर्जे तक अलग हो चुके हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित होते ही अस्पताल की सेवाएं ठप पड़ जाती हैं। ऐसे में, मरीजों को अक्सर अंधेरे में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रसूति कक्ष, इमरजेंसी, ओपीडी और पैथोलॉजी जैसी अति आवश्यक सेवाएं बिजली कटौती के दौरान बुरी तरह प्रभावित होती हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मौजूदा जनरेटर अब मरम्मत के योग्य नहीं है और इसे ठीक कराना संभव नहीं है। नए जनरेटर की व्यवस्था के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन छह वर्षों के लंबे अंतराल में भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जब इस संबंध में पूछा जाता है, तो अधिकारी केवल पत्र लिखने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अरुणेश सिंह ने बताया कि छह साल पहले खराब हुआ जनरेटर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “नए जनरेटर की स्थापना के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है ताकि अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।” हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पिछले छह वर्षों में कितनी बार यह पत्र भेजा गया है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए, स्थानीय समाजसेवियों और नागरिकों ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जनरेटर की व्यवस्था कराने की मांग की है। समाजसेवी धर्मेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अवध कुमार सिंह, समाजसेवी रामेश्वर मिश्रा, समाजसेवी डॉ. बलराम मिश्रा, जमुना प्रसाद पांडेय, व्यापारी बृजभूषण पांडेय और विमल कुमार पांडेय ने मिलकर अधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि जनरेटर के अभाव में मरीजों को हो रही असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
