चश्मा उगाही मामला: बेगूसराय के सिविल सर्जन का एक्शन, लिपिक निलंबित
बेगूसराय में नेत्र रोगियों से चश्मा के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में लिपिक दीपक कुमार मंडल को बुजुर्ग नेत्र रोगियों से चश्मा देने के बदले पैसे लेते हुए दिखाया गया था।
इस घटना के बाद, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने जिला कुष्ठ नियंत्रण इकाई कार्यालय में पदस्थापित लिपिक दीपक कुमार मंडल को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में, लिपिक का मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छौड़ाही निर्धारित किया गया है, और उन्हें प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, 11 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक फोटो और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बुजुर्ग नेत्र रोगियों के अभिभावकों से चश्मा देने के एवज में 100 से 200 रुपये लेते दिखाया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद, सिविल सर्जन ने 12 नवंबर को अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, बेगूसराय को 24 घंटे के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था।
हालांकि, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने 17 नवंबर तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी, जिसके बाद सिविल सर्जन ने 18 नवंबर को आदेश जारी कर लिपिक को निलंबित कर दिया। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दिया है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, स्थानीय लोगों ने कहा कि गरीबों से पैसे वसूलना लिपिक के लिए महंगा पड़ गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है। सिविल सर्जन ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखने का आश्वासन दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
