चंपावत में सड़क हादसों का कहर: तेज रफ्तार और नशे ने लीं अनगिनत जानें
चंपावत जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेज गति, लापरवाही, नशे में ड्राइविंग, ओवरलोडिंग, सड़कों की खराब स्थिति और मोबाइल का इस्तेमाल जैसे कारक लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। गुरुवार रात टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर बारातियों से भरी कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह भी ओवरलोडिंग और चालक का नशे में होना बताया जा रहा है। इस भीषण हादसे में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।nnबागधारा के पास हुआ यह हादसा इस वर्ष का सबसे बड़ा हादसा है, जिसमें एक साथ पांच जानें चली गईं। इससे पहले भी इस साल कई दर्दनाक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। चार नवंबर को लोहाघाट ब्लॉक के डुंगराबोरा गांव में कार खाई में गिर गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और एक घायल हुआ। नौ मई को सिन्याड़ी के पास एक कार दुर्घटना में एक पर्यटक की जान चली गई थी। 22 जून को पूर्णागिरि मार्ग पर गेंडाखाली के पास एक कार की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई थी। 26 सितंबर को अमोड़ी-छतकोट-सिन्याड़ी मार्ग पर एक मैक्स वाहन पलट गया था, जिसमें 11 यात्री घायल हुए थे, हालांकि किसी की जान नहीं गई। इन सभी दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रेट जांच में चालकों का नशे में होना और यातायात नियमों का पालन न करना प्रमुख कारण पाया गया है।nnनेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक, आए दिन होने वाली इन जानलेवा दुर्घटनाओं से बचाव के लिए परिवहन और पुलिस विभाग समय-समय पर रोड सेफ्टी अभियान चलाते हैं, लेकिन उनका असर फिलहाल प्रभावी नहीं दिख रहा है। पिछले पांच वर्षों में जिले की सबसे भीषण सड़क दुर्घटना 2022 में सूखीढांग-रीठा साहिब मोटर मार्ग पर हुई थी। टनकपुर की एक शादी से लौट रहे बारातियों का मैक्स वाहन खाई में गिरने से 16 में से 14 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें महिलाएं और एक बच्ची भी शामिल थी। इस दुर्घटना का कारण चालक को झपकी आना पाया गया था।nnसूत्रों के अनुसार, पुलिस और परिवहन विभाग अक्सर बारात के वाहनों और स्कूल बसों की गहनता से जांच नहीं करते, जबकि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से इनकी जांच सबसे महत्वपूर्ण है। बारात में चलने वाले कई चालक नशे में धुत होते हैं और तेज संगीत पर मस्ती करते हुए गाड़ी चलाते हैं। साथ ही, इन वाहनों में ओवरलोडिंग भी आम बात है, जो दुर्घटनाओं को निमंत्रण देती है।nnचंपावत के पुलिस अधीक्षक अजय गणपति का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करना पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।”
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