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चंडीगढ़ साइबर ठगी: KGF ‘रॉकी’ से प्रेरित सरगना समेत 6 गिरफ्तार, 38 लाख की ठगी का पर्दाफाश

By Jan 15, 2026

चंडीगढ़ पुलिस ने एक बुजुर्ग दंपती से 38 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के सरगना फजल उर्फ रॉकी को तमिलनाडु के चेन्नई से गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ ही पांच अन्य सदस्यों को भी पकड़ा गया है, जिनमें चंडीगढ़ की एक महिला भी शामिल है। पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरोह का सरगना फजल, दक्षिण भारतीय फिल्म ‘केजीएफ’ के मुख्य किरदार ‘रॉकी भाई’ से इतना प्रभावित था कि उसने अपना नाम भी रॉकी रख लिया और इसी नाम से ठगी का धंधा शुरू कर दिया।

इस गिरोह ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा था। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और गृह मंत्रालय के 14सी पोर्टल की मदद से शिकायतकर्ता की ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा होल्ड करवाने में सफलता हासिल की है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां और खुलासे हो सकते हैं।

साइबर क्राइम की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्रवाई कृष्ण चंद नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद हुई है। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 7 जनवरी को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के कोलाबा थाने का पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है। पीड़ित को सहयोग न करने पर गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी गई।

इसके बाद, आरोपितों ने वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहनकर पीड़ित और उनकी पत्नी को डराया। उन्होंने फर्जी अरेस्ट वारंट और अन्य दस्तावेज भी भेजे। लगातार दबाव और भय के माहौल में आकर, पीड़ित ने 7 से 8 जनवरी के बीच आरटीजीएस के माध्यम से अपने खाते से 38 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदला गया था। इस काम के लिए मुकेश उर्फ प्रिंस की मदद ली गई, जिसे हर ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। यह पूरी प्रक्रिया फज़ल उर्फ रॉकी के निर्देश पर चेन्नई से संचालित की जा रही थी।

तकनीकी सर्विलांस के आधार पर, पुलिस ने सबसे पहले 9 जनवरी को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 से वीना रानी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने 24.50 लाख रुपये निकालने और 4.40 लाख रुपये कमीशन के रूप में देने की बात कबूल की। इसके बाद, सेक्टर-45 के बुड़ैल क्षेत्र से अन्य आरोपितों को पकड़ा गया। अंत में, चेन्नई में छापा मारकर मुख्य सरगना फजल उर्फ रॉकी को दबोच लिया गया। उसके पास से दो मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, कई बैंक खातों की पासबुक और चेकबुक बरामद की गई हैं। इस गिरोह द्वारा की गई ठगी से आम जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह दिखाता है कि कैसे शातिर अपराधी फिल्मों से प्रेरणा लेकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

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