चिनार कोर के जवानों ने कश्मीर में आग बुझाकर बचाई कई जिंदगियां
कश्मीर घाटी में तैनात सेना के जवान कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आपदा की घड़ी में भी जनता की सेवा और उनकी जिंदगियों को बचाने के लिए तत्पर रहते हैं। हाल ही में, चिनार कोर के जवानों ने कुपवाड़ा के सुरिगाम गांव में एक ऐसी ही मिसाल कायम की।
मंगलवार को सुरिगाम गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण एक भीषण आग लग गई, जिसने कई इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही चिनार कोर के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए, उन्होंने तुरंत अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया।
सेना के जवानों की त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई ने आग को फैलने से रोका। उन्होंने न केवल आग पर प्रभावी ढंग से काबू पाया, बल्कि गांव के निवासियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तत्परता ने कई लोगों की जान बचाई और उनकी बहुमूल्य संपत्ति को भारी नुकसान से भी महफूज रखा।
चिनार कोर ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कोर ने कहा कि उनके सैनिक हमेशा घाटी में लोगों की जानमाल की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने अग्निशमन सेवाओं के साथ मिलकर चलाए गए बचाव अभियान की जानकारी साझा की और बताया कि कैसे उनकी त्वरित कार्रवाई ने नागरिकों पर आए गंभीर खतरे को टाल दिया।
सेना की इस मानवीय पहल और बहादुरी की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। यह घटना एक बार फिर कश्मीर में सेना के जवानों की कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाती है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं।
