अच्छी खबर: पूर्वी और पश्चिम चंपारण में भी होंगी स्नातकोत्तर की परीक्षाएं
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध पूर्वी और पश्चिम चंपारण के परीक्षार्थियों के लिए रविवार को एक बड़ी खुशखबरी आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए यह घोषणा की है कि आगामी स्नातकोत्तर परीक्षाएं अब इन दोनों जिलों में स्थित परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामकुमार ने पश्चिम चंपारण में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को लिखित आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ज्ञात हो कि बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी जिलों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई तो हो रही थी, लेकिन परीक्षा केंद्र केवल विश्वविद्यालय मुख्यालय में ही बनाए जा रहे थे। इस व्यवस्था के कारण परीक्षार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने छात्रों की इस समस्या को उजागर करने और समाधान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। परिषद के सदस्यों का कहना था कि सरकार उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जिलों में पीजी की पढ़ाई अनिवार्य कर रही है, जिससे छात्रों को लाभ मिल रहा है। पीजी की सीटें भी दोगुनी होकर 11 हजार से अधिक हो गई हैं। ऐसे में, विश्वविद्यालय मुख्यालय पर ही परीक्षा केंद्र होने से छात्रों को होने वाली कठिनाइयों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यह मुद्दा कई वर्षों से सीनेट की बैठकों में भी उठता रहा है। पश्चिम और पूर्वी चंपारण से निर्वाचित जनप्रतिनिधि शून्यकाल में इस विषय को उठाते रहे हैं, लेकिन हर बार बैठक समाप्त होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता था। विश्वविद्यालय मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र होने के कारण चंपारण के विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी होती थी।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामकुमार ने बताया कि चंपारण में पीजी परीक्षा केंद्र बनाने की मांग काफी पुरानी थी और इसे लेकर विद्यार्थियों ने आंदोलन भी शुरू कर दिया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सोमवार से शुरू हो रही पीजी सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा सहित आगामी सभी परीक्षाएं परीक्षार्थियों के जिले में ही आयोजित की जाएंगी।
