CEO ने दिए निर्देश, वोटर लिस्ट revision नोटिस पाने वालों के लिए बनेगा हेल्प डेस्क
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हाल ही में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए सुनवाई स्थलों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। यह कदम उन एक करोड़ से अधिक मतदाताओं को राहत देगा जो जानकारी के अभाव में परेशान हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। ये वे मतदाता हैं जिनके नाम 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित होने वाली आलेख्य मतदाता सूची में शामिल हैं, लेकिन उनके पास वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, तार्किक विसंगतियों के कारण लगभग 2.22 करोड़ अन्य मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सुनवाई स्थलों पर मतदाता हेल्प डेस्क की स्थापना की जाए। इन डेस्क पर एसआईआर-2026 प्रक्रिया से भली-भांति परिचित कर्मचारियों को तैनात किया जाए, ताकि वे सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं की शंकाओं का समाधान कर सकें। हेल्प डेस्क ऐसे स्थान पर स्थापित हो, जहां आने वाले मतदाताओं की नजर आसानी से पड़ सके, और उस पर ‘हेल्प डेस्क’ लिखा हुआ बैनर भी लगाया जाए।
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि जिला व राज्य स्तरीय टोल-फ्री नंबर हेल्प डेस्क पर प्रदर्शित किए जाएं। जिला स्तर पर स्थापित कॉल सेंटर की हेल्पलाइन को पूरी तरह से सक्रिय रखा जाए और उस पर विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले कर्मचारियों को तैनात किया जाए। इससे हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सकेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि नोटिसों की सुनवाई तत्परता और सुचारु रूप से की जाए। अधिकारियों को सुनवाई के दिन समय पर उपस्थित रहने और मतदाताओं के साथ शिष्ट व्यवहार करने को कहा गया। साथ ही, रोल प्रेक्षकों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को सुनवाई स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी कमी को तुरंत दूर करने को कहा गया।
