फर्जी बिलिंग पर हाथरस वाले पेच में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी रेड, टैक्स चोरी का शक
अलीगढ़ में सेंट्रल जीएसटी (CGST) की टीम ने शुक्रवार को फर्जी बिलिंग और बोगस फर्मों के संचालन की शिकायतों के आधार पर हाथरस वाले पेच स्थित एक लोहे की ट्रेडिंग फर्म पर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने फर्म के मालिक के रत्नेशपुरम स्थित आवास पर भी छापेमारी की। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
जांच का तरीका बना विवाद का विषय
सेंट्रल जीएसटी की प्रवर्तन दल की टीम ने सुरक्षाबलों के साथ दोपहर में कारोबारी के ठिकानों पर दस्तक दी। जांच शुरू होते ही परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और किसी को भी घर से बाहर आने-जाने की इजाजत नहीं दी गई। इस दौरान, 80 वर्षीय बुजुर्ग मां की तबीयत खराब होने पर उन्हें स्वास्थ्य कारणों से घर से बाहर जाने की अनुमति दी गई।
दस्तावेजों की गहन जांच जारी
टीम ने खरीद-बिक्री के सभी दस्तावेज, लैपटॉप, स्टॉक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त कर लिए हैं। विभाग की चार टीमों ने आगरा नंबर की छह गाड़ियों से यह कार्रवाई की। सहायक आयुक्त डॉल्टन फ्रांसिस फोर्ट ने बताया कि टैक्स चोरी की शिकायत पर जांच की जा रही है और अभी जांच जारी है।
व्यापारी संगठनों ने जताया विरोध
इस कार्रवाई के तरीके को लेकर उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय महामंत्री सतीश माहेश्वरी ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारियों का रवैया आतंक फैलाने जैसा था। उन्होंने बुजुर्ग महिला को घर में रोके रखने और मोबाइल जब्त करने जैसी कार्रवाई की निंदा की और इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आगरा आयुक्त को शिकायत की जाएगी।
राज्यकर विभाग ने भी दर्ज कराया मुकदमा
इसी बीच, राज्यकर विभाग ने भी एसएच राम ट्रेडर्स के संचालक दीपक शर्मा के खिलाफ सासनी गेट थाने में बोगस फर्म और फर्जी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लेने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। एसआईबी की जांच में इस फर्म के करोड़ों रुपये के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ था, जिससे सरकार को 60 लाख रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ।
