झरिया पुनर्वास पर केंद्र-राज्य में ठनी! कोयला मंत्री ने झारखंड सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने संसद में कहा कि झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्र के विस्थापितों के पुनर्वास में झारखंड सरकार और जिला प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण लोगों के सुरक्षित विस्थापन की प्रक्रिया बाधित हो रही है। यह जानकारी उन्होंने गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के सवाल के जवाब में दी।
सांसद चौधरी ने संसद में बीसीसीएल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, झरिया विस्थापितों तथा केंदुआडीह गैस रिसाव मामले को जनहित में उठाया था। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल की कोयला मांग में प्रतिशत के आधार पर गिरावट दर्ज की गई है, जबकि क्षेत्र में पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। उन्होंने कोयला डिस्पैच बढ़ाने, उचित रखरखाव सुनिश्चित करने और बढ़ रही चोरी पर अंकुश लगाने की मांग की।
जवाब में मंत्री दुबे ने कहा कि झरिया विस्थापितों के मुद्दे पर केंद्र सरकार गंभीर है। राज्य सरकार का सहयोग मिलते ही पुनर्वास कार्य में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि पावर प्लांटों के पास 25 दिनों का कोयला स्टॉक उपलब्ध है। कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत हिस्सा पावर प्लांटों को और 20 प्रतिशत कोयला उद्योगों को आपूर्ति किया जाता है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
