इमाम मेहदी (Imam Mehdi) की विलादत पर शहर में जश्न, मन्नतें पूरी होने की दुआ के साथ नदी में डाले गए अरीजे
शिया समुदाय ने बुधवार को अपने 12वें इमाम, हजरत इमाम मेहदी की यौमे विलादत को बड़े उत्साह के साथ मनाया। शहर भर में कई स्थानों पर विशेष महफिलों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में उलमा और शायरों ने इमाम मेहदी की शान में कसीदे पेश किए। कर्बला मलका आफाक मदेयगंज में हुसैनाबाद ट्रस्ट ने ‘जश्ने मसर्रत’ का आयोजन किया, जहां लोगों ने जियारत की और नज्र पेश की। घंटाघर तालाब पर भी ‘सफी ‘सफीरा-ए-खैरूल मोमेनीन’ द्वारा महफिल का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर शिया समुदाय के लोगों ने एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी किया। उन्होंने अपनी मन्नतें एक कागज (अरीजे) पर लिखकर उसे आटे में लपेटा। दुआ पढ़ने के बाद इन अरीजों को हजरत इमामे जमाना की खिदमत में गोमती नदी में प्रवाहित कर दिया गया। समुदाय का मानना है कि यह दुआ सीधे इमाम तक पहुंचती है और उनकी मुराद मुरादें पूरी होती हैं। मंसूर नगर के इमामबाड़ा उम्मूल बनींूल बनीं में ‘जश्ने नूर ए असर’ और अब्बासिया मस्जिद हसन पुरिया में ‘जश्ने मुंतजिर’ जैसे अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें मौलानाओं ने खिताब किया।
