धनबाद में जल शुद्धता पर मंथन: ‘हर बूंद हो स्वच्छ’ अभियान में नागरिक और प्रशासन की जवाबदेही पर जोर
इंदौर में प्रदूषित पानी से हुई मौतों के बाद देश भर में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी क्रम में धनबाद में ‘हर बूंद हो स्वच्छ, हर घूंट हो स्वस्थ’ अभियान के तहत एक पाठक पैनल परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस चर्चा में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया और अपने विचार रखे।
जल संरक्षण और गुणवत्ता
परिचर्चा में शामिल लोगों ने घरों तक पहुंचने वाले पानी की शुद्धता पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि पानी की जांच के लिए क्या व्यवस्था है, पाइपलाइन की मरम्मत और रखरखाव कैसे हो रहा है, और आरओ का पानी कितना सुरक्षित है। जल संरक्षण के उपायों पर भी जोर दिया गया।
नागरिकों और प्रशासन की भूमिका
प्रतिभागियों ने कहा कि केवल घरों तक पानी पहुंचा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी शुद्धता और स्वास्थ्यप्रदता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। उन्होंने नगर निगम, पीएचईडी और माडा जैसी सरकारी एजेंसियों को पेयजल की स्वच्छता के लिए जवाबदेह ठहराया। लोगों ने स्वयं भी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
सुझाव और चिंताएं
कई लोगों ने बताया कि आपूर्ति पाइपलाइनों से आने वाला पानी अक्सर दूषित होता है और शिकायतों के बावजूद समस्याओं को हल करने में देरी होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि नगर निगम को वायु प्रदूषण की तरह जल शुद्धता के बारे में भी नियमित रूप से जानकारी देनी चाहिए। भूगर्भीय जल बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। दूषित पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों का जिक्र करते हुए पर्यावरण और जल संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया।
