0

स्तन कैंसर के इलाज में बड़ी कामयाबी, वैज्ञानिकों ने खोजा फैलाव रोकने का तरीका

By Dec 10, 2025

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) भोपाल के वैज्ञानिकों ने स्तन कैंसर के प्रसार को समझने और रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अब तक यह माना जाता था कि कैंसर का फैलाव कुछ प्रोटीनों के स्तर बदलने से होता है, लेकिन नया शोध बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी यानी हाइपोक्सिया के दौरान कैंसर कोशिकाएं अचानक अधिक आक्रामक हो जाती हैं। आइसर की टीम ने पाया कि इस स्थिति में पीआरएमटी5 नामक प्रोटीन सक्रिय होकर कैंसर कोशिकाओं को फैलने की ताकत देता है और इसे सक्रिय करने का काम सीटीसीएफ नामक प्रोटीन करता है। इस प्रक्रिया के कारण कोशिकाएं अपने व्यवहार और संरचना में तेजी से बदलाव लाती हैं और शरीर में यह तेजी से फैलने लगती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब वैज्ञानिकों ने पीआरएमटी5 को जीएसके 591 दवा के जरिए रोका तो कैंसर कोशिकाओं की फैलने की क्षमता लगभग खत्म हो गई। यह खोज भविष्य में स्तन कैंसर के इलाज को नई दिशा दे सकती है।

आइसर के बायोलाजिकल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डा. संजीव शुक्ला और श्रीनिवास अभिषेक की टीम ने यह बताया कि कम ऑक्सीजन में ट्यूमर खुद को अधिक घातक रूप में ढाल लेता है। शोध में सामने आया कि इस दौरान सीटीसीएफ सीधे पीआरएमटी5 जीन से जुड़कर उसकी गतिविधि बढ़ा देता है। इसके बाद पीआरएमटी5 डीएनए की पैकेजिंग बदल देता है, जिससे टीसीएफ3 जीन की रीडिंग का तरीका बदल जाता है और एक ऐसा प्रोटीन संस्करण बन जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को अधिक गतिशील और फैलने में सक्षम बनाता है। यह पूरी प्रक्रिया उपकला–मेसेंकाइमल संक्रमण (ईएमटी) को बढ़ावा देती है, जिसकी वजह से कैंसर कोशिकाएं अधिक आक्रामक रूप ले लेती हैं। शोध के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में यह भी सामने आया कि जब पीआरएमटी5 को जीएसके 591 दवा से रोका गया तो कैंसर कोशिकाओं की फैलने की क्षमता लगभग समाप्त हो गई। इससे संकेत मिलता है कि पीआरएमटी5 भविष्य में एक संभावित चिकित्सीय लक्ष्य बन सकता है।

भारत में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में करीब 11 प्रतिशत मौतें केवल स्तन कैंसर से होती हैं, जो हर वर्ष लगभग एक लाख मरीजों की जान लेती है। ऐसे में आइसर का यह शोध अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन जैविक प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलती है, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि और प्रसार को नियंत्रित करती हैं। शोध बताता है कि यदि सही समय पर कैंसर की अवस्था की पहचान कर पीआरएमटी5 जैसे प्रमुख प्रोटीनों की गतिविधि रोकी जाए तो शरीर में कैंसर कोशिकाओं के फैलाव को काफी हद तक धीमा या पूरी तरह रोका जा सकता है। यह भविष्य के लक्षित लक्षित उपचारों के रास्ते खोलता है।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

ड्यूटी पर रील देखना पड़ा महंगा! पुलिस कमिश्नर ने ऑन स्पॉट ठोका जुर्माना, 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड

भोपाल में पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र के औचक निरीक्षण ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। शुक्रवार देर रात किए गए इस निरीक्षण में जहां दो पुलिसकर्मी ड्यूटी प्वाइंट से नदारद मिले और तत्काल...
By Dec 10, 2025

साझा करें