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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से रॉयल ओंकार नेस्ट्स को बड़ी राहत, यथास्थिति आदेश निरस्त

By Jan 15, 2026

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने रियल एस्टेट डेवलपर रॉयल ओंकार नेस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी पर लगाए गए यथास्थिति आदेश को निरस्त कर दिया है, जिससे कंपनी को बड़ी राहत मिली है। यह निर्णय न्यायमूर्ति राहुल भारती ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

मामला दिल्ली कुंजवानी बाइपास, जम्मू स्थित रॉयल नेस्ट सैफायर नामक रियल एस्टेट परियोजना से जुड़ा है। परियोजना के प्रमोटरों के खिलाफ 14 फ्लैट धारकों ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। जम्मू-कश्मीर रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने 2 जुलाई 2025 को निर्देश दिया था कि प्रमोटर 30 दिनों के भीतर खामियों को दूर करें, अन्यथा आवंटी राहत या मुआवजे के लिए स्वतंत्र होंगे।

इस आदेश से असंतुष्ट होकर आवंटियों ने जम्मू-कश्मीर विशेष न्यायाधिकरण में अपील दायर की थी। 22 सितंबर 2025 को न्यायाधिकरण की एकल-सदस्यीय पीठ ने साझा क्षेत्रों के व्यावसायिक उपयोग पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था, जिससे प्रमोटरों को रोका गया था।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस यथास्थिति आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब विशेष न्यायाधिकरण के एकल पीठ के अध्यक्ष ने अपील को उचित पीठ के गठन के अभाव में गैर-परिसंविदनीय माना, तो किसी भी प्रकार का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी रखना न्यायसंगत नहीं था। इस फैसले से रियल एस्टेट परियोजना के विकास और संचालन को गति मिलेगी, जिससे संभावित खरीदारों और निवेशकों को भी लाभ होगा।

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