बिहार में सांप्रदायिक मामलों पर बड़ा खुलासा: 23 जिलों में 102 केस अटके, गृह विभाग ने मांगा जवाब
बिहार के 23 जिलों में सांप्रदायिक धाराओं के अंतर्गत 102 मामले लंबित हैं। इन मामलों में अभियोजन की स्वीकृति प्रदान करने में देरी हो रही है क्योंकि जिलों से केस से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख गृह विभाग को नहीं भेजे गए हैं। गृह विभाग के विशेष सचिव ने सभी संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर इस स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया था, लेकिन यह अब तक अप्राप्त है। जब तक संपूर्ण अभिलेख प्राप्त नहीं हो जाते, तब तक अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जा सकती। अभिलेख मिलने के बाद इसकी समीक्षा भी की जाएगी।
मुजफ्फरपुर में भी सात मामले ऐसे हैं, जिनमें अभियोजन स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभिलेख नहीं मिलने के कारण स्वीकृति नहीं दी गई। गृह विभाग की सूची में औरंगाबाद, भागलपुर, पटना, रोहतास (सबसे अधिक 16 मामले) सहित 23 जिले शामिल हैं। मुजफ्फरपुर के पियर थाना में 2020 के एक मामले में आपत्तिजनक वीडियो का साक्ष्य मांगा गया, जो अनुपलब्ध है। सिकंदरपुर, मोतीपुर, सदर, सकरा, सरैया और पारू थानों से भी केस दैनिकी और अन्य साक्ष्य मांगे गए हैं, जो अब तक नहीं भेजे गए हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सांप्रदायिक मामलों में न्याय प्रक्रिया बाधित हो रही है।
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